हरिद्वार। कांवड़ यात्रा के अंतिम दिन रविवार को अब तक की सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ी। गंगा तट पर मानों आस्था का समुद्र ही उतर आया। रविवार को करोड़ों लोगों ने हरकी पैड़ी व अन्य घाटों से गंगाजल भरकर कांवड़ उठाई। आने और जाने वाले शिवभक्तों की अनवरत चल रही कतार ने पंचपुरी को दो हिस्सों में बांट कर रख दिया। दोपहर बाद तक कनखल के लोग ज्वालापुर और ज्वालापुर व भेल के लोग कनखल की तरफ नहीं जा सके। हर तरफ कांवड़िए ही कांवड़िए नजर आए।
सोमवार को शिव चौदस के दिन शिवालयों में जल चढ़ाया जाना है। इससे पहले रविवार को दिल्ली, पश्चिमी यूपी, पंजाब, हरियाणा से कांवड़ियों का रेला हरिद्वार पहुंचा। एक अनुमान के अनुसार रविवार को करीब 50 लाख कांवड़िए धर्मनगरी में पहुंचे। व्यवस्था बनाने में पुलिस के पसीने छूट गए। कई जगह तो पुलिस ने भारी भीड़ के आगे मूकदर्शक बनने में समझदारी समझी। जिलाधिकारी हरबंस सिंह चुघ और एसएसपी राजीव स्वरूप दिनभर व्यवस्थाओं पर नजर रखने के लिए हाईवे पर जमे रहे।
वहीं शिवालयों में सोमवार को होने वाले जलाभिषेक की तैयारियां भी दिन भर चलती रही। दक्षेश्वर, बिल्केश्वर, नीलश्वर, गौरी शंकर महादेव, दरिद्रभंजन, दुखभंजन, तिल भांडेश्वर समेत सभी शिवालयों में रविवार को सजावट और पूजा अर्चना की व्यवस्थाएं दुरुस्त की गई।