हरिद्वार। बारिश से धर्मनगरी में जगह-जगह जलभराव होने से लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। वहीं समूचा कांवड़ मेला भी अस्त-व्यस्त हो गया है। जलभराव से मेला मैदान (पंतद्वीप, चमगादड़ टापू और लालजीवाला) झील में तब्दील हो गया है। लालजीवाला पार्किंग में चार-चार फीट पानी भर गया है। शौचालय और कूड़ेदान तक पानी में डूबे हुए हैं। हाईवे से शहर के अंदर तक कीचड़ फैलने से शिवभक्तों को कांवड़ जल लेकर निकलना मुश्किल हो रहा है। प्रशासन दिनभर राहत कार्य में जुटा रहा लेकिन हालात सामान्य नहीं हुए हैं।
दो दिन से लगातार हो रही बारिश से पूरा हिल बाईपास मार्ग सिल्ट से भर चुका है। ऐसे में कांवड़ मेले में उसे चलाने की संभावनाएं भी पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। भीमगोड़ा से हरकी पैड़ी तक मार्ग पर जगह-जगह कीचड़ में आना-जाना पड़ रहा है। भीमकुंड के चारों ओर भी कीचड़ से लोग परेशान हैं। सब्जी मंडी और विष्णु घाट बाजार में नगर निगम की ओर से एकत्रित की गई सिल्ट बारिश में फिर फैल गई है। चौड़ीकरण के चलते दोनों तरफ खुदे हाईवे की मिट्टी बहने से वाहनों के फंसने से परेशानी होने लगी है। कच्चे हाइवे पर डाक कांवड़ के वाहनों को निकालने पर पुलिस को पसीना बहाना पड़ा रहा है। ज्वालापुर के बाजारों में भी शिवलोक कालोनी, कनखल और आसपास के क्षेत्रों में भारी जलभराव हो गया है।
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ऋषिकुल पुल की एप्रोच धंसी
हाईवे की ओर से ऋषिकुल पुल की एप्रोच रोड धंस चुकी हैं। एप्रोच के नीचे से खोखली हो चुुकी है और एप्रोच हवा में झूल रही है। डाक वाहनों की भीड़ बढ़ने पर इस स्थान पर खतरा हो सकता है।
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राजाजी पार्क की दीवार टूटी
हरिद्वार। भूपतवाला में दूधाधारी चौक के पास राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क की दीवार टूटी गई है। इससे पूर्व सत्य विहार कालोनी क्षेत्र में भी पार्क की लगभग 20 मीटर दीवार धराशायी हो गई थी। इसे अभी तक भी नहीं बनाया गया था कि अब दूधाधारी चौक के पास की दीवार धराशायी हो गई है। जिससे जंगली जानवरों के आबादी में आने का खतरा बढ़ गया है। इससे कार्य की गुणवत्ता की भी पोल खुल गई है।