स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री से की जांच की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं उत्तराखंड देहरादून ने कर्मचारियों की पदोन्नति न होने पर आक्रोश जताया है। मामले की स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वर्चुअल हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा ने कहा कि लिपिक संवर्ग में पदों की कमी के कारण लैब सहायक, डार्क रूम सहायक, ओटी सहायक, वाहन चालक के पदों पर पदोन्नति की जानी थी, लेकिन महानिदेशालय की ओर से फाइल को वर्षों से घुमाया जा रहा है।
इससे पूर्व कुछ कनिष्ठ सहायक के पदों के लिए पिछले वर्ष 2025 में कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए आवेदन पत्र मांगे गए थे, किंतु, एक साल के लगभग हो गया है, मगर पदोन्नति करने की जगह फिर से नाम मांगे जा रहे हैं, ताकि, अन्य संवर्ग को उसका लाभ दिया जा सके।
महामंत्री सुनील अधिकारी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश पंत, प्रदेश संगठन सचिव छत्रपाल सिंह, जिला मंत्री राकेश भंवर ने कहा कि कर्मचारियों की पदोन्नति 1996 के बाद 2016 में हुई थी, किंतु, महानिदेशालय की ओर से उसमें भी 78 पदों के जगह सिर्फ 47 पदों पर चतुर्थ श्रेणी और तीन पदों पर वाहन चालक की पदोन्नति हुई थी। 28 पद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के रह गए थे। ऑनलाइन बैठक में राजेंद्र तेश्वर, सचिन, मूल चंद चौधरी, नाथी राम रजनी देवी, सुरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।