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अपने अधिकार के लिए बुजुर्गों ने भी नहीं मानी हार

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मतदान स्थल पर बुजुर्गों की मदद करते पुलिसकमी। - फोटो : HARIDWAR
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मतदान करने के लिए बुजुर्गों ने भी हार नहीं मानी। उम्रदराज और बीमार होने के बाद भी बुजुर्ग अपने परिवार के सदस्यों संग वोट डालने पहुंचे। पथरी के रानीमाजरा में एक बुजुर्ग बीमार को चारपाई में बूथ तक वोट डालने के लिए लाए।
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बुजुर्गों में भी मताधिकार को लेकर काफी उत्साह दिखा। बुजुर्गों के लिए इस बार पोस्टल बैलेट की सुविधा थी। सैकड़ों बुजुर्गों ने पोस्टल बैलेट से घर से ही मतदान किया तो छूटे बुजुर्ग सोमवार को अपने बूथों पर पहुंचे। अधिकतर बुजुर्ग परिवार के सदस्यों के सहारे से बूथों तक आए। उनको प्राथमिकता से मताधिकार कराया गया।
चमरिया लालढांग की देवकी देवी अपने पोते दीपक जोशी के साथ मतदान करने पहुंची। देवकी देवी की उम्र 105 साल है। वह बिना सहारे चल नहीं पाती है। उसकी इच्छा थी कि वह अपना वोट जरूर डालेंगी। पोती ने उनका ख्वाहिश पूरी कराई। 94 वर्षीय सोना देवी पत्नी स्वर्गीय इकमल सिंह ने सीतापुर में भेल रानीपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए अपनी पुत्रवधू रविता चौहान के साथ पहुंचकर मतदान किया। सोना देवी के पुत्र सोमप्रकाश चौहान ने बताया कि उनकी मां हर चुनाव में अपना वोट का प्रयोग अवश्य रूप से करती हैं। उन्होंने इस बार के चुनाव में भी अपने पुत्रवधू और पौत्रों के साथ पहुंचकर वोट डाली। बादशाहपुर बूथ पर 90 साल की वृद्धा ने वोट डाला। शाहपुर में 90 साल शेखर चंद्र धीमान ने मताधिकार कर लोकतंत्र में अपनी भागीदारी निभाई।
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मतदान अधिकारी की तबियत बिगड़ी
इमलीखेड़ा में मतदान अधिकारी सुरेश रावत की तबीयत अचानक खराब गई। जिससे अफरा तफरी मच गई। आनन फानन में उनको अस्पताल पहुंचाया गया। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
एक घंटे देरी से शुरू हुआ मतदान
मंगोलपुरा बूथ पर एक घंटे देरी से मतदान शुरू हुआ। ईवीएम में तकनीकी खराबी के चलते वोटिंग शुरू नहीं हो सकी। मतदाताओं ने बताया कि सुबह पौने आठ बजे से लाइन में लग गए। आठ बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू कराई गई, लेकिन ईवीएम नहीं चली। करीब एक घंटे बाद मशीन बदली गई और मतदान शुरू हो सका।
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