मंगलवार को बारिश के दौरान ऊर्जा निगम द्वारा खोदी गई सड़क पर पसरा कीचड़ ।
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शहर में ऊर्जा निगम की ओर से बिजली के तारों को भूमिगत करने का काम शहर के लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। सोमवार की रात से लगातार हो रही बारिश के कारण मुख्य सड़क से लेकर गलियों तक जगह जगह कीचड़ हो गया। कीचड़ में लोगों के वाहन फंस गए। लोगों को पैदल चलने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पिछले करीब चार महीनों से हरिद्वार में बिजली के तारों को भूमिगत करने का काम चल रहा है। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक से लेकर जिला अधिकारी और मेला अधिकारी इस कार्य में समन्वय के अभाव को लेकर नाराजगी जता चुके हैं। जिलाधिकारी दीपेंद्र चौधरी ने समन्वय बनाने के लिए नगर मजिस्ट्रेट जगदीश लाल को नोडल अधिकारी नामित किया था। उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई थी कि वह यह समन्वय बनाएंगे की गड्ढे खोदे जाने के तुरंत बाद तार डालकर समतल किया जाए। यदि गड्ढे खोदे जाने के दौरान किसी दूसरे विभाग की पाइप लाइन टूट जाती है तो उसे तत्काल ठीक कराया जाएगा। बार- बार हिदायत देने के बाद भी समन्वय कहीं दिखाई नहीं दे रहा है।
मध्य हरिद्वार से लेकर उत्तरी हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में मुख्य सड़क से लेकर कॉलोनी की गलियों को खोदकर डाल दिया गया है। जगह-जगह लगे मिट्टी के ढेर बीती रात से हो रही बारिश के चलते कीचड़ में बदल गए हैं, जिस कारण पूरा शहर कीचड़ कीचड़ दिखाई दे रहा है। मंगलवार की सुबह रानीपुर मोड़ के पास कई वाहन कीचड़ में फंस गए। गोविंदपुरी विवेक विहार आदि क्षेत्रों में दोपहिया सवार कीचड़ में गिरकर चोटिल हो गए। श्री चंद्राचार्य चौक व्यापार मंडल के अध्यक्ष मृदुल कौशिक ने आरोप लगाया कि अधिकारी जानबूझकर लोगों की दिक्कतों की अनदेखी कर रहे हैं। आवास विकास कॉलोनी निवासी बाबू सिंह और संजय कुमार ने आरोप लगाया कि बार-बार कहने के बाद भी प्रशासन की ओर से खोदे गए गड्ढों को तत्काल भरने देने की व्यवस्था नहीं कराई जा रही है। नगर मजिस्ट्रेट जगदीश लाल ने माना कि दिक्कत है और इसे जल्दी ठीक कराया जाएगा।
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पानी की और टेलीफोन की लाइनें टूटी
हरिद्वार। ऊर्जा निगम की तारें डालने में जुटे ठेकेदारों के कर्मचारी मनमाने तरीके से गलियों को खोदने में लगे हैं। मध्य हरिद्वार और ऋषिकुल, देवपुरा से लेकर उत्तरी हरिद्वार तक कई जगह पेयजल, सीवरेज और टेलीफोन तारें काट दी गई हैं। रानीपुर मोड़ के आसपास तो इंटरनेट सेवाएं पांच दिन तक बाधित रही।