सप्तरोवर क्षेत्र में गंगा नदी को प्रदूषित कर रहे अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू हो गया है। हालांकि सैकड़ों अतिक्रमणकारियों के एकजुट विरोध ने अधिकारियों के कदम डगमगाए। उन्होंने शहरी विकास मंत्री के नाम की आड़ लेकर विरोध भी किया। इसके बावजूद प्रशासन की मदद से यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने जेसीबी चलाकर काफी अतिक्रमण ध्वस्त किया है।
सिटी मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह ने बताया कि गंगा नदी की ठोकर नंबर 8, 9 व 10 के दोनों ओर से अतिक्रमण हटा दिया गया है। यूपी सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सुशील यादव ने बताया कि पहले दिन आधे क्षेत्र का अतिक्रमण हटा दिया गया है और अभियान पूूूरा अतिक्रमण हटाने तक जारी रहेगा। एनजीटी ने गंगा नदी तथा गंगाघाटों को प्रदूषित करने वाले अतिक्रमण को हटाने का आदेश पारित कर रखा है। 22 अप्रैल को गंगा नदी की दस नंबर ठोकर पर हुए जघन्य हत्याकांड के बाद क्षेत्रवासियों ने गंगा नदी के किनारे अतिक्रमण को हटाने की मांग ने प्रशासन को जगाने का काम किया। शनिवार को जेसीबी के साथ सिंचाई विभाग के कर्मचारी अतिक्रमण हटाने पहुंचे। सिटी मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह और शहर कोतवाल अनिल जोशी पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। सिटी मजिस्ट्रेट ने दावा किया कि दूधियाबंद क्षेत्र में गंगा नदी के ठोकर नंबर 8, 9 व 10 के दोनों तरफ का अतिक्रमण ध्वस्त करा दिया गया है। जिस महंत की जगह पर हत्याकांड हुआ था उसका अतिक्रमण भी ध्वस्त कर दिया है। इसके विपरीत यूपी सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सुशील यादव ने बताया कि मौके पर 500-600 लोगों की भीड़ विरोध में आकर खड़ी हो गई थी। मौके पर पर्याप्त पुलिस फोर्स उपलब्ध नहीं होने से पूरा अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका है। उन्होंने कहा कि गंगा किनारे कई बड़े रसूखदार महंतों ने अतिक्रमण कर गोशाला व महिला आश्रम बना रखा है। गोशाला की गंदगी बहाकर गंगा नदी को प्रदूषित किया जा रहा है। गंगा नदी के किनारे शौचालयों की व्यवस्था नहीं है।
अतिक्रमणकारियों को पहले दे दी थी सूचना
सप्तसरोवर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाओ अभियान की सूचना शुक्रवार शाम को ही पुलिस कर्मियों की एक टीम ने अतिक्रमणकारियों तथा बड़े रसूखदार महंतों को दे दी थी। अतिक्रमणकारियों को नुकसान से बचने के लिए अपना अतिक्रमण स्वयं हटाने की सलाह दी गई थी। जिसके के बाद कुछ लोगों ने तो अपना सामान रात में ही शिफ्ट कर लिया था, परंतु अधिकतर लोग एकजुट होकर विरोध करने के लिए डटे रहे। कुछ लोग शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक की शरण में भी पहुंचे, जिसका असर अभियान की सुस्त चाल के रूप में देखने को मिला।