कुंभनगरी की सूरत संवारने को सिस्टम मंगलवार को हरकत में आया। जगह-जगह भारी विरोध के बाद भी सड़कों के किनारे गए अतिक्रमण को जेसीबी से हटा दिया गया। प्रशासनिक-पुलिस के अमले ने अतिक्रमणकारियों का सामान भी जब्त किया। बुधवार को भी अतिक्रमण हटाओ अभियान बदस्तूर जारी रहेगा।
मंगलवार को मेला नियंत्रण कैंपस में प्रशासनिक, पुलिस एवं नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी एकत्र हुए। सिटी मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह और सीओ सिटी प्रकाश देवली की अगुवाई में दस्ते ने पंतदीप, चमगादड़ टापू पर अतिक्रमण का सफाया किया। जगह जगह बने अवैध ढाबे, दुकानें हटा दी गई। विरोध भी हुआ लेकिन अतिक्रमणकारियों की एक न चली। एसएसपी केकेवीके और एसडीएम मनीष कुमार सिंह ने भी मौके पर मौके पहुंचे। इधर, रोडीबेलवाला मैदान को सीओ यातायात मनोज कत्याल की अगुवाई में अतिक्रमण हटाया गया। ढाबे, चाय की दुकानें, माला कंठी की दुकानें, प्रसाद की रेहड़ी हटा दी गई। तीसरी टीम एसपी क्राइम शाहजहां जावेद खान, सीओ सदर जेपी जुयाल की अगुवाई में पोस्ट ऑफिस से चंडीघाट तक अतिक्रमण हटाने के लिए उतरी। हालांकि, जिला अस्पताल के बाहर एक दवा की दुकान पर लगे अस्थायी छज्जे और कुछ दुकानों की सीढ़ियों को तोड़ने को लेकर व्यापारी नेता संजीव नैय्यर, आशुतोष शर्मा आदि के नेतृत्व में बड़ी संख्या में व्यापारियों ने विरोध किया। फिर प्रशासनिक अमले ने सीढ़ियों को नहीं तोड़ा। चौथी टीम सीओ कनखल जयदेव आर्य, एसओ कनखल नत्थीलाल उनियाल की अगुवाई में वाल्मीकि चौक से लेकर देवपुरा चौक तक फैले अतिक्रमण को हटाने के लिए उतरी और जगह जगह हुए अतिक्रमण को हटाया। प्रशासनिक अमले ने अतिक्रमणकारियों का सामान भी जब्त किया और दिन भर पूरे शहर में अतिक्रमण को लेकर अफरा तफरी मची रही।
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अतिक्रमण हटा तो देखते ही बनती थी सूरत
हरिद्वार (ब्यूरो)। मंगलवार को जहां से भी अतिक्रमण हटाया गया वहां वहां की सूरत देखते ही बनती है। जैसे कि पोस्ट ऑफिस के पास के सब खोखो हटा दिए गए और महिला अस्पताल के बाहर जमे खाने के ढाबे भी हटा दिए गए। ललतारौ पुल से लेकर चंडीघाट तक रखे खाने के ढाबे और यूनियनों के खोखे भी हटाए गए। ऐसे ही रोडवेज बस स्टैंड के पास से भी जब अतिक्रमण हटा तब सड़क की चौड़ाई नजर आई। पंतदीप, चमगादड़ टापू और रोडीबेलवाला मैदान की सूरत भी देखते ही बनती थी।
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अपने गिरेबां में भी झांके व्यापारी वर्ग
हरिद्वार (ब्यूरो)। व्यापारी वर्ग ने सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने की बात प्रशासन के समक्ष रखी थी और वायदा किया था कि व्यापारी वर्ग भी अपने प्रतिष्ठान के बाहर किए अतिक्रमण को हटा लेंगे। यही नहीं अतिक्रमण हटाने में सहयोग भी करेंगे। अब देखना दिलचस्प होगा जब अपर रोड, मोती बाजार, बडाबाजार, विष्णुघाट, हरकी पैड़ी, बड़ी सब्जी मंडी, सुभाष घाट, गऊ घाट, राम घाट, कुशाघाट, भीमगोडा, खड़खड़ी को व्यापारी अतिक्रमण मुक्त करें। हर दुकान कई कई फुट तक शटर से आगे पहुंची हुई है और कुछ दुकानदारों ने आगे सड़क ही किराये पर दे दी हैं। वे रोजाना वारे न्यारे कर रहे हैं। व्यापारी वर्ग को भी अपने गिरेबां में झांकना होगा कि वे भी अतिक्रमण करने में पीछे नहीं है।