रखरखाव और मरम्मत कार्यों के लिए गंगनहर इस बाद भी दशहरे से दिवाली तक बंद रहेगी। उत्तरी खंड गंगनहर रुड़की ने नहरबंदी की घोषणा कर दी है। दूसरी तरफ हरकी पैड़ी की प्रबंधकारिणी संस्था श्री गंगा सभा ने त्यौहारों के मौके पर गंगनहर बंद करने का विरोध किया है।
एसडीओ कैनाल सुशील यादव ने बताया कि 11 से 30 अक्तूबर की मध्य रात्रि तक गंगनहर को बंद किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इसके लिए गंगा सभा की सहमति भी ले ली गई है, लेकिन गंगा सभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा गांधीवादी और महामंत्री रामकुमार मिश्रा ने उत्तरी खंड गंगनहर रुड़की के अधिशासी अभियंता को विजयदशमी व दीपावली के त्योहारों के बीच में गंगा बंदी के विरोध में पत्र भेजा है। गंगा सभा के पदाधिकारियों ने सिंचाई विभाग और गंगा सभा के मध्य वर्ष 1916 के अनुबंध की याद दिलाई और चैनल नंबर एक से हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड, कुशावर्तघाट व कनखल स्थित घाटों पर गंगा की अवरिलता बनाए रखने के लिए एक हजार क्यूसेक (4 फिट) गंगाजल का प्रवाह बनाए रखना सुनिश्चित करने की मांग की है। महामंत्री रामकुमार मिश्रा ने बताया कि सिंचाई विभाग ने पहले 10 अक्तूबर की रात्रि से 9 नवंबर तक नहरबंदी की अनुमति मांगी थी, जिसका गंगा सभा द्वारा विरोध किया गया था क्योंकि इस अवधि में रामनवनी, विजयदशमी, करवाचौथ, अहोई अष्टमी, धनतेरस, हनुमान जयंती, दीपावली, गोवर्धन पूजन व भैयादूज आदि मुख्य पर्व पड़ते हैं। इसके बाद सिंचाई विभाग ने संशोधित कार्यक्रम भेजा है। संशोधित तिथि 11 से 30 अक्तूबर की मध्य रात्रि निर्धारित है। इसका मतलब है कि दीपावली पर्व हरकी पैड़ी पर महालक्ष्मी पूजन के समय तक पर्याप्त जल नहीं रहेगा। गंगा सभा के महामंत्री रामकुमार मिश्रा ने बताया कि सिंचाई विभाग को एक हजार क्यूसेक जल हरहाल में बनाए रखने के लिए बाध्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वैसे भी उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग इस क्षेत्र में नहरबंदी के दौरान रखरखाव का कोई काम नहीं कराता है।