हरिद्वार। डायनेमिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (डीएसीपी) की एक सूत्री मांग के समर्थन में सरकारी डाक्टरों को दूसरे दिन भी दो घंटे का ओपीडी का बहिष्कार जारी रहा। इससे मरीज परेशान हो गए। सुबह के समय पहुंचे मरीजों का नंबर दोपहर बाद तक ही आ सका।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के आह्वान पर हरिद्वार में सरकारी डाक्टर 25 जनवरी से आंदोलन की राह पर हैं और एक फरवरी से दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। लगातार दूसरे दिन दो घंटे कार्य बहिष्कार पर रहने से मरीज परेशान हो उठे। हालांकि सोमवार के मुकाबले में मंगलवार को अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की संख्या कम ही रही, लेकिन उन्हें भी डाक्टर से चिकित्सा परामर्श लेने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। कई मरीज तो बिना दिखाए ही लौट गए। गर्भवती महिलाओं को दूसरे दिन भी परेशानी झेलनी पड़ी। भूखे पेट अल्ट्रासाउंड को पहुंचे मरीजों को भारी परेशानी हुई। संघ के जनपद सचिव डा. मनोज वर्मा ने कहा कि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिला अस्पताल में धरना देने वालों में डा. संदीप निगम, डा. जेएस चुफाल, डा. एके पालीवाल, डा.एचके सिंह, डा. मनोज उप्रेती, डा. एसएन खान, डा. सुब्रत अरोड़ा, डा. वीपी मोर्या, डा. नरेश जौहरी, डा. मनोज द्विवेदी, डा. निष्ठा गुलाटी आदि शामिल हुए।