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जिले के शिक्षकों ने फिर बनाई आंदोलन से दूरी

Thu, 22 Sep 2016 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
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जनपद के जूनियर शिक्षकों ने आंदोलन के तीसरे चरण में भी खुद को प्रदेश के शिक्षकों से अलग रखा और रोजाना की तरह स्कूल खोले। जबकि प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर प्रदेश के करीब 10 जनपदों के शिक्षक स्कूलों में ताले लगाकर देहरादून पहुंचे। हरिद्वार के जूनियर शिक्षकों मंडल कैडर की मांग मंजूर नहीं है।

प्रदेश में राजकीय माध्यमिक शिक्षक और प्राथमिक शिक्षकों के साथ ही राजकीय जूनियर स्कूलों के शिक्षक भी चरणबद्ध तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। पहले चरण के आंदोलन में हरिद्वार के शिक्षकों ने भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। 20 सूत्री मांगों में त्रिस्तरीय पीआरटी, टीजीटी, पीजीटी की पहली मांग पर जिले के शिक्षकों का प्रदेश संगठन से मतभेद हो गए। दरअसल प्रदेश कार्यकारिणी जूनियर शिक्षकों के लिए मंडल कैडर का समर्थन कर रहा हैै। साथ ही संगठन जूनियर स्कूलों के विलय के भी पक्ष में है।
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जबकि जनपद हरिद्वार के शिक्षक मंडल के बजाय जिला कैडर की व्यवस्था चालू रखना चाहते हैं। इन मुद्दों पर प्रदेश कार्यकारिणी से सहमति न बनने पर पांच सितंबर को दूसरे चरण में हरिद्वार के शिक्षक प्रदेश के आंदोलन से अलग हो गए थे। बृहस्पतिवार को तीसरे चरण के आंदोलन के दौरान भी हरिद्वार जनपद के सभी 180 स्कूल खुले रहे।
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संगठन के जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह चौहान ने बताया कि जिले में सभी जूनियर शिक्षकों ने बृहस्पतिवार को अपने स्कूल खोलकर अध्यापन कराया है। मंडल कैडर की मांग हमें मंजूर नहीं है। जनपद के शिक्षकों का हित देखते हुए इस व्यवस्था का विरोध किया जाएगा।
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