देश-विदेश से आएंगे 3000 शिक्षाविद्, स्वयंसेवकों को सौंपे गए दायित्व
सांस्कृतिक कार्यक्रम और मंच व्यवस्था पर भी हुई बात, स्वामी आर्षदेव ने दिए निर्देश
माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। पतंजलि विश्वविद्यालय में 52वें अखिल भारतीय प्राच्य विद्या सम्मेलन के विशेष आयोजन की तैयारियों को लेकर आज एक बैठक हुई। प्रदर्शन कला विभाग में समन्वयकों, अतिरिक्त समन्वयकों और स्वयंसेवकों ने इसमें भाग लिया। बैठक में कार्यक्रम के सुव्यवस्थित, गरिमापूर्ण और समयबद्ध संचालन पर चर्चा की गई। स्पेशल इवेंट ग्रुप के मुख्य संयोजक स्वामी आर्षदेव और संयोजक डॉ. गौतम ने बैठक में दिशा निर्देश दिए।
स्वामी आर्षदेव ने कहा कि कर्तव्य निष्ठा, प्रतिबद्धता और प्रीतिपूर्वक सेवा कार्य करें। उन्होंने मंच संचालन, मंच सज्जा और अतिथि स्वागत जैसी व्यवस्थाओं पर सुझाव दिए। इसमें तिलक, शंखनाद, दीप प्रज्वलन और कुलगीत भी शामिल थे। राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रगान, उद्घाटन सत्र, अतिथि सम्मान और आशीर्वचन पर भी चर्चा हुई। विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए भरतनाट्यम, कथक और शास्त्रीय गायन पर दिशा-निर्देश दिए गए। वादन और लोकनृत्य की प्रस्तुतियों के समन्वय और मंच व्यवस्था पर भी बात हुई। सम्मेलन में देश-विदेश से लगभग 3000 शिक्षाविद् और शोध छात्र-छात्राओं के आने की संभावना है।
कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए समन्वयकों, अतिरिक्त समन्वयकों और स्वयंसेवकों को दायित्व सौंपे गए। अनुशासन, समयबद्धता और आपसी समन्वय बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया। प्रदर्शन कला विभाग की मुख्य समन्वयक डॉ. अल्का गिरी और संयोजक डॉ. चंद्रमोहन मिश्र उपस्थित रहे। डॉ. अर्चना तिवारी और डॉ. अश्विनी भी बैठक में मौजूद थे। योग विभाग की संयोजिका डॉ. आरती पाल और डीएनवाईटी के संयोजक डॉ. नयन विश्वास भी शामिल हुए।
बैठक में कई स्वयंसेवक छात्र-छात्राएं भी उपस्थित थे। इनमें एमएससी प्रथम वर्ष की स्नेहा, बीए तृतीय वर्ष की राशि और एमए द्वितीय वर्ष की प्रियंका, बीए दर्शन प्रथम वर्ष की भक्ति और बीए द्वितीय वर्ष की अंजलि रावत, बीएनवाईएस के छात्र अभ्युदय, अभेदानंद, प्रिंस और रुद्र प्रताप सिंह भी समिति प्रभारियों से मिले।