हरिद्वार। पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत 15 सौ करोड़ रुपये के आपदा घोटाले में बच नहीं पाएंगे। आपदा घोटाले के आरोपों को भाजपा सिद्ध करेगी और सीएम हरीश रावत संन्यास लेने से पहले ही सलाखों के पीछे जाएंगे। इस मामले में कानून अपना काम करेगा।
सांसद कोश्यारी डा. नित्यानंद के अंतिम संस्कार के बाद हरिद्वार में पत्रकारों से बात कर रहे थे। कोश्यारी ने हरीश रावत के राजनीति से संन्यास लेने के बयान की खिल्ली उड़ाते हुए कहा कि जिस पर आरोप सिद्ध हो जाते हैं उसे संन्यास लेने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि हरीश रावत केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से न उलझें। यदि सीएम हरीश रावत यह समझते हैं कि वह जेटली से उलझकर दोषमुक्त हो जाएंगे तो वह गलत सोचते हैं। कोश्यारी ने रावत को सलाह दी कि वह अपनी सफाई जांच करने वाले अधिकारियों को दें। वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि वह मुख्यमंत्री को चुनौती देते है कि यदि 1509 करोड़ रुपये की कमी नहीं पाई होगी तो जिसका हिसाब नहीं मिल रहा है तो मै राजनीति छोड़ दूंगा। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री से किसी भी फोरम या जनता दरबार में आकर बात करने को तैयार है, मैं उनको तिथि वार केंद्र से मिले पैसे का ब्यौरा दूंगा और वह उत्तर बताते जाए। यदि वह गलती बताते है तो यह गलती सूचना आयोग की है। दूसरे आयोग ने गलत रिपोर्ट दी है तो इतनी बड़ी रिपोर्ट गलत क्यों दी। मुख्यमंत्री इस पर जवाब दे और राजनीति छोड़ें। वहीं वार्ता करते हुए पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत हमेशा झूठ बोलते है वह हर किसी बात को डायवर्ट करते है। अपनी कमियों को छुपाने को जनता को भ्रमित करने का कार्य हरीश रावत करते है। कहा कि मुख्यमंत्री सीबीआई जांच की संस्तुति करें। प्रश्न उठाते हुए कहा कि जिस दिन जांच हो गई तो सरकार नप जाएगी।