केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेड़कर से सोमवार को उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में योग विज्ञान भवन का डिजिटल लोकार्पण किया। जावेड़कर ने संस्कृत विवि सहित अपने दिल्ली स्थित कार्यालय से रुसा के तहत देश भर के 17 विश्वविद्यालयों में बने विभिन्न भवनों का भी एक साथ लोकार्पण किया।
योग विज्ञान प्रयोगशाला भवन का डिजिटल लोकार्पण करते केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेड़कर ने उच्च शिक्षा में मूल्य और गुणात्मकता पर जोर देने की बात कही। कहा कि सरकार शिक्षा को वैश्विक स्तर पर ले जाने के साथ ही उसे रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। विश्वविद्यालय में छात्रों के पढ़ने-पढ़ाने का माहौल तैयार करने के लिए भी सरकार तेजी से प्रयास कर रही है।
मुख्य अतिथि सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि योग तन और मन को सुव्यवस्थित रखता है। वर्तमान में विचारों की शुद्धता के लिए योग का जीवन में प्रवाह होना जरूरी है। कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने योग पर दुनिया के 170 देशों को एकजुट कर दिया। डा. निशंक ने कहा कि उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय का छात्र संस्कृत एवं योग का ब्र्रांड एंबेसडर बने।
कुलपति प्रो.पीयूष कांत दीक्षित ने संस्कृत को व्यवहार रूप में अपनाने पर जोर दिया। उत्तराखंड को योग एवं संस्कृत की भूमि बताते हुए इसका महत्व बताए। विभागाध्यक्ष डा. कामाख्या कुमार ने कहा कि योग भवन से छात्रों को सैद्धांतिक के साथ प्रायोगिक ज्ञान भी प्राप्त हो सकेगा। कुलसचिव गिरीश कुमार अवस्थी ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन डा. राकेश सिंह ने किया।
इस अवसर पर सारस्वत अतिथि गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेंद्र दकुमार, ज्वालापुर के विधायक सुरेश राठौर, भाजपा के जिलाध्यक्ष डा. जयपाल, एफओ डा. तंजीम अली, सहायक कुलसचिव दिनेश कुमार, रुसा के सहायक निदेशक डा. एके तिवारी, डा. ज्ञानेंद्र कुमार गौतम, प्रो. दिलीप चंद्र चमोला, प्रो. मोहन चंद्र बलोदी, डा. लक्ष्मीनारायण जोशी, डा.अरविंद नारायण मिश्र, डा. बिंदुमती द्विवेदी, डा. प्रतिभा शुक्ला, डा. रतन लाल, डा. विनय कुमार सेठी, डा. विकास अंगीरस, डा. खुशेंद्र देव चतुर्वेदी, डा. उर्मिला पांडे, डा. धीरज शुक्ल, मनोज गहतोड़ी, आशुतोष दुबे, छात्र कल्याण परिषद अध्यक्ष अनूप बहुखंडी आदि मौजूद थे।