हरिद्वार। शहर से देहात तक डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार इससे पीड़ित मरीज विभिन्न अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। लंबे समय से डेंगू पीड़ित सुभाष कश्यप की किडनी फेल होने से उसकी मौत हो गई। मलेरिया विभाग किसी भी मरीज की मौत होने से इनकार कर रहे हैं।
कनखल की लाटोवाली के ब्रहम विहार निवासी सुभाष कश्यप (58) को पिछले 15 दिनों से बुखार था। उन्हें पहले सतीकुंड मैक्सवैल जनजीवन में भर्ती कराया गया था। वहां उनमें डेंगू की पुष्टि हुई। तबियत अधिक बिगड़ने पर सुभाष को जौलीग्रांट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। विशेषज्ञों की मानें तो डेंगू बिगड़ने पर किडनी और हार्ट फेल हो जाता है। जिससे मरीज की मौत होना लाजमी है। जिला मलेरिया अधिकारी गुरनाम सिंह की माने तो डेंगू से कोई भी मौत नहीं हुई है। उनका कहना है कनखल निवासी किसी भी व्यक्ति की मौत होने की जानकारी उन्हें नहीं मिली है। वहीं अब डेंगू मरीजों की संख्या का आंकड़ा एक हजार पार कर गया है। जिला मलेरिया अधिकारी का कहना है कि डेंगू से निपटने को अभियान जारी है।
शिक्षिका की मौत पर भी पर्दा
शिवालिकनगर निवासी बहादरपुर जट्ट स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय की सहायक शिक्षिका रेणु गुप्ता की डेंगू से हुई मौत पर भी स्वास्थ्य विभाग पर्दा डालने की तैयारी में है। जबकि जिस अस्पताल में शिक्षिका का इलाज चल रहा था, वहां रैपिड जांच में डेंगू की पुष्टि हो चुुकी थी। जिला मलेरिया अधिकारी का कहना है कि शिक्षिका के ब्लड के नमूने नहीं मिले हैं।