हरिद्वार। रविवार की रात निर्मल छावनी से पकड़े गए घायल नर गुलदार की सोमवार को रेस्क्यू सेंटर में मौत हो गई। वन विभाग की टीम ने पोस्टमार्टम कराने के बाद गुलदार के शव को जला दिया।
रविवार की सुबह निर्मल छावनी की कालोनी में व्यापारी राजेंद्र जैन के घर में गुलदार घुस गया था। शाम को सात बजे के बाद मिर्च का धुआं लगाने के बाद गुलदार पिंजरे में कैद हो पाया था। गुलदार को पकड़ने के बाद चिड़ियापुर स्थित रेस्क्यू सेंटर उपचार के लिए भेजा गया था। सोमवार को घायल गुलदार का उपचार शुरू किया गया। गुलदार के सिर पर गहरा जख्म था और कीड़े पड़े हुए थे। डा. अमित ने गुलदार के सिर जख्म से कीड़े निकाले। इसके बाद रेस्क्यू सेंटर के कमरे नंबर तीन में बंद कर दिया था। शाम को करीब चार बजे वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट देहरादून के डा. प्रयाग निगम के नेतृत्व में दूसरी टीम पहुंची। टीम जब उसके जांच के पहुंची तो गुलदार मृत मिला। डीएफओ एचके सिंह ने बताया कि गुलदार के सिर पर 10 से 15 दिन पुराना जख्म था और शरीर पर जलने के निशान भी थे। बताया कि गुलदार की उम्र 12 साल थी।