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अंधेरी जिंदगी को उजाले की जरूरत है

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रुद्राणी फाउंडेशन और द ड्रीम एलाईव फाउंडेशन की ओर से आयोजित कवि सम्मेलन में कविता पाठ करते कवि। - फोटो : HARIDWAR
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रुद्राणी फाउंडेशन और द ड्रीम एलाईव फाउंडेशन की ओर आयोजित कवि सम्मेलन में कवि और गीतकारों ने अपनी रचनाएं से श्रोताओं को अपना मुरीद बना दिया। कवियों और गीतकारों ने हर रचना में श्रोताओं की वाहवाही लूटने के साथ खूब तालियां बटोरी।
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मध्य हरिद्वार स्थित एक होटल में आयोजित कवि सम्मेलन ‘सुरमयी शाम’ का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्यमंत्री विनोद आर्य, रुड़की के मेयर गौरव गोयल और समाजसेवी विशाल गर्ग ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कवि निखिल चौहान ने सियासतदानों पर कटाक्ष करते हुए कहा ‘मस्जिद की ख्वाहिश न शिवालयों की जरूरत है, अंधेरी जिंदगी को उजाले की जरूरत है, न जाने क्यों सियासत को समझ आता नहीं इतना कि भूखे पेट को तो बस निवालों की जरूरत है’। उत्तर प्रदेश के बड़ौत से आए गीतकार डॉ. राजीव राज ने ‘उमरिया एक सड़क वीरान, कहां है मंजिल किसको ज्ञान’ कविता को श्रोताओं ने खूब पंसद किया। फरीदाबाद से आए दिनेश रघुवंशी ने ‘मेरी आंखों का तारा भी मुझे आंख दिखाता है, जिसे हर खुशी दे दी वो हर गम से मिलाता’ प्रस्तुत किया। यूपी के चंदौसी से आए एचबी शायर विनीत ने ‘एक लक्ष्मण एक सीता एक दीपक आस का, एक भोगी और भी है राम के वनवास का’ पेश किया। दिल्ली से आए गीतकार अतुल यादव ने प्रस्तुत किया कि ‘अमर प्रेम यमुना अमर प्रेम सरियु अमर प्रेम गंगा लुटाती रही है, वही प्रेम पाने वही नेह पाने नदी के किनारे चले आ रहे हैं’। बाल कवि नव्या नवेली चौहान ने मां मोहब्बत पर कहा कि मझाहिब में नजरिये में मेरे इमां में रहती है, वो धकड़क में वो सांसों में वो जिसमो जां में रहती है, मुझे दुनिया में लाई जो खुदा की वो हंसी मूरत मेरी दुनिया वो मेरी मां मेरी दुनिया में रहती है। फाउंडेशन की अध्यक्ष पूनम सखुजा और रजनी चौहान ने सभी का स्वागत किया।
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