हरिद्वार। भारत रत्न मदन मोहन मालवीय द्वारा सन 1919 में स्थापित ऋषिकुल आयुर्वेद कालेज में आयुर्वेद के एक से बढ़कर एक विशेषज्ञ तैयार किए हैं। अभी भी यह क्रम जारी है लेकिन कालेज में पढ़ने वाला एक छात्र इस तरह आतंकी गतिविधियों में संलिप्त होगा, इसकी किसी ने कभी कल्पना तक नहीं की होगी। इस तरह के आरोपी का मामला सामने आने से हर कोई आश्चर्य में है।
दिल्ली और उत्तराखंड की संयुक्त पुलिस टीम के द्वारा गिरफ्तार चारों संदिग्धों में से मोहम्मद मेराज उर्फ मोनू पुत्र तज्जमुल हुसैन निवासी लंढौरा, हरिद्वार ऋषिकुल आयुर्वेद कालेज एवं चिकित्सालय में 2014 बैच का बीएएमएस प्रथम वर्ष का छात्र है। मोहम्मद मेराज का काउंसिलिंग के माध्यम से प्रवेश हुआ था। वह हॉस्टल में नहीं रहा और बाइक से कालेज में पढ़ने के लिए आता था। अन्य छात्रों की तरह उसकी उपस्थिति भी शॉर्ट थी और परीक्षा में बैठने से रोक दिया गया। इसके बाद अतिरिक्त कक्षाएं संचालित हुई तो उसमें लगातार शामिल हो रहा था। उसके सहपाठियों ने बताया कि अभी 17 जनवरी से अवकाश घोषित हुआ था तो इसके बाद कोई कालेज नहीं आ रहा था। मेराज भी नहीं आ रहा था। बुधवार को जैसे ही यह सूचना कालेज प्रशासन एवं छात्र-छात्राओं को मिली तो सभी सकते में आ गए। हर कोई यही चर्चा करता दिखा कि कालेज से पहली बार ऐसा कोई मामला जुड़ा है। कालेज के प्राचार्य प्रो. एएन पांडेय ने बताया कि प्रथम बैच का छात्र होने के चलते वह उसको नहीं जानते थे।
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कम बोलचाल रखता था मेराज
हरिद्वार। दिल्ली में आईबी की कैद में बीएएमएस प्रथम वर्ष का छात्र मेराज का प्रवेश के समय में सीनियर छात्रों के द्वारा परिचय पूछने पर विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ा कि उसने अपने कस्बा लंढौरा सूचना देकर अपने लोगों को बुला लिया। लेकिन सीनियर छात्रों के समझाने पर मामला शांत हुआ। इसके बाद से मेराज अन्य सहपाठियों से कम संबंध रखता था। हालांकि परीक्षा में बैठने से रोकने पर वह छात्र प्रदर्शनों में भी शामिल रहा था, लेकिन उसकी किसी भी छात्र से अधिक मित्रता नहीं थी।
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कालेज से होगा बर्खास्त
हरिद्वार। प्राचार्य एएन पांडेय का कहना है कि कालेज प्रशासन को इस तरह का कोई संकेत तक नहीं मिला कि आतंकी गतिविधियों में शामिल छात्र कालेज में डाक्टरी की पढ़ाई कर रहा है। लेकिन जिस तरह की सूचना मीडिया के माध्यम से मिली है आरोपी छात्र को वह कालेज से बर्खास्त की कार्रवाई करेंगे। क्योंकि इस तरह के प्रकरण से कालेज की छवि पर भी असर पड़ता है और अन्य छात्रों के भविष्य पर भी।