रिटायर्ड बीएसएफ जवान सुनील शर्मा के कत्ल का ताना-बाना निजी खुन्नस के चलते एक राजमिस्त्री ने बुना था। सीआईयू (क्राइम इंवेस्टिगेशन यूनिट) एवं सिडकुल पुलिस की संयुक्त टीम ने हत्याकांड से पर्दा उठाते हुए मुख्य साजिशकर्ता राजमिस्त्री एवं कत्ल में शामिल तीन भाड़े के कातिलों को दबोच लिया है।
थाना सिडकुल में नगर पुलिस अधीक्षक ममता वोहरा ने बीएसएफ से रिटायर जवान की हत्या का खुलासा किया। एसपी (सिटी) ने बताया कि 18 जून को इंद्रलोक कालोनी निवासी बीएसएफ जवान सुनील की सामुदायिक केंद्र में गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। उनका शव सामुदायिक केंद्र के ही एक कमरे से बरामद हुआ था। उन्होंने बताया कि जवान की हत्या किराए के कातिलों से कराई गई थी। इस मामले में एक राजमिस्त्री शमीम पुत्र नसीम निवासी गांव भागोवाली छोटी मस्जिद के पास अलीपुर थाना बहादराबाद, अभिषेक पुत्र चंद्रपाल, गुरुवचन पुत्र विजय भगत निवासीगण गांव ढक्का थाना नौगवां शहदाद अमरोहा जेपी नगर, दीपक पुत्र दलीप कुमार निवासी ग्राम पार्क, किशन गंज थाना सब्जी मंडी मानकपुर मंडी मानकपुरा दिल्ली को गिरफ्तार किया गया है।
बकौल एसपी (सिटी) पेशे से राजमिस्त्री शमीम को बीएसएफ जवान सुनील ने कालोनी के मंदिर के निर्माण का ठेका 2.80 लाख में दिया था। लेकिन आधा कार्य होने के बाद सुनील ने राजमिस्त्री के साथ मारपीट करते हुए काम छीन लिया था। इस बात से खफा राजमिस्त्री ने सुनील की हत्या करने की ठान ली थी। उसने पेशे से दिहाड़ी मजदूर अभिषेक को एक लाख की सुपारी देने का लालच दिया। अभिषेक ने हत्याकांड को अंजाम देने के लिए अपने दोस्तों को बुला लिया। 18 जून को हत्याकांड की योजना तैयार की गई। योजना के अनुसार शमीम ने सुनील का मोबाइल फोन नंबर युवकों को दे दिया। अभिषेक ने खुद को राहुल बताते हुए जवान से संपर्क साधकर सामुदायिक केंद्र बुक करने की बात कही। सामुदायिक केंद्र पहुंचे युवकों की मुलाकात सुनील शर्मा से हुई और उन्होंने दो जुलाई के लिए केंद्र की बुकिंग करते हुए आठ हजार की रकम एडवांस में दे दी।
इसी दौरान सामुदायिक केंद्र देखने के बहाने युवकों ने दबोचकर बीएसएफ जवान की कैपरी के नाड़े से गला घोटकर हत्या कर दी। एसपी सिटी ने बताया कि शमीम, अभिषेक को शुक्रवार की देर रात देवनगर रावली महदूद, गुरुवचन को उसके घर एवं दीपक कुमार को देहरादून उसके रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार किया गया। इस दौरान एसओ सिडकुल देवराज शर्मा समेत अनेक पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
रिटायर्ड जवान की हत्या करने के दो आरोपी पूर्व में भी जेल जा चुके है। गुरुवचन के खिलाफ अमरोहा में पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है और दीपक दिल्ली के थाना गांधीनगर एवं करोलबाग से चोरी आर्म्स एक्ट के आरोप में जेल जा चुका है। रिटायर्ड जवान की हत्या कर देने के आरोपियों को एक फूटी कौड़ी भी नहीं मिल पाई। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए थे। राजमिस्त्री ने एक लाख की रकम देने का वायदा भले ही किया था। लेकिन उन्हें एक भी पाई नहीं मिल पाई।
ऐसे खुला हत्याकांड का राज
बीएसएफ जवान हत्याकांड में सिडकुल पुलिस को सूत्र मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रेकार्ड से ही मिल गया था। एक आरोपी अभिषेक ने मृतक से मोबाइल फोन पर संपर्क साधा था, बस यही से ही पुलिस को क्लू मिल गया था। यदि आरोपियों ने मोबाइल फोन से संपर्क न साधा होता तब उनका गिरफ्त में आना आसान नहीं था।