गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलपति सुरेंद्र कुमार पर डिग्रियों को लेकर चले रहे विवाद में आखिर कानूनी शिकंजा कस गया है। एसएसपी राजीव स्वरूप के आदेश पर एसओ कनखल ने रविवार शाम कुलपति के खिलाफ धोखाधड़ी समेत प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गांव मझौल, जबरदस्तपुर, देवबंद, सहारनपुर निवासी हरिफल पुत्र रामस्वरूप की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
हरिफल की ओर से शिकायत में कहा गया कि कुलपति की जन्मतिथि 12 जनवरी, वर्ष 1951 है। उन्होंने वर्ष 1962 में श्रीमद दयानंद आर्य विद्यापीठ गुरुकुल, झज्जर, हरियाणा से मध्यमा (हाईस्कूल) पास की है। जबकि वर्ष 1968 में उस संस्था में मध्यमा का कोर्स शुरू हुआ है।
आरोप है कि ठीक इसी तरह वर्ष 1969 से वर्ष 1970 के बीच पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ से विशारद (इंटरमीडिएट), शास्त्री (बीए) एवं गुरुकुल महाविद्यालय हरिद्वार से विद्या भास्कर (बीए) कराना दर्शाया है। यह सभी कोर्स दो वर्ष के थे। लेकिन एक समय में ही उन्होंने तीन कोर्स कैसे कर लिए।