हरिद्वार। पुलिस ने बनारस की दूसरी किशोरी को भी बरामद करने के साथ ऑटो रिक्शा चालक वासु और उसके पिता को दबोच लिया है। दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। जबकि एक आरोपी अकरम पुलिस के हाथ नहीं आ सका। एक बहन को पुलिस ने पहले ही बरामद कर लिया था।
बनारस से आई दो सगी बहनें यहां दो ऑटो रिक्शा चालक की हवस का शिकार हो गई थी, जबकि उनकी रिश्ते की बहन किसी तरह से जान बचाकर निकल गई थी। बनारस पहुंचकर किशोरी ने अपने परिजनों को पूरी कहानी बताई थी। परिजन उसे लेकर यहां पहुंचे थे। पुलिस ने तब श्रवणनाथ नगर के कबीर आश्रम के कर्मचारी सतवीर, मुख्य आरोपी ऑटो रिक्शा चालक हिमांशु व उसके जीजा रवि को दबोचते हुए एक किशोरी को बरामद कर लिया था। जबकि दूसरी किशोरी को लेकर फरार हुए वासु, उसके दोस्त अकरम की तलाश जारी थी। कोतवाल महेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि दूसरी किशोरी को भी रविवार देर रात रोडवेज बस स्टैंड के पास से बरामद करते हुए मुख्य आरोपी वासु को पकड़ लिया। मुख्य आरोपी वासु के पिता सुनील को भी रविवार रात को ही गिरफ्तार कर लिया था। कोतवाल ने बताया कि वासु ने किशोरी को सहारनपुर में अपने दोस्त के घर रखा था और उसका दोस्त अकरम अभी भी फरार है। रविवार को वह किशोरी को लेकर हरिद्वार आ रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे दबोच लिया। वासु कनखल के गांव जगजीतपुर का रहने वाला है। पिता पुत्र को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा दिया है। कोतवाल ने बताया कि किशोरी के बयान कोर्ट में दर्ज कराए जाएंगे। फिर उसे परिजन के सुपुर्द कर देंगे।