दिल दहला देने वाले मासूम हत्याकांड में पुलिस की जांच का मुख्य फोकस वैज्ञानिक पद्धति पर भी है। पुलिस ने चिकित्सकों के पैनल से मासूम के शव का पोस्टमार्टम कराया है। यही नहीं वैजाइनल स्वैप को भी सुरक्षित रखा जाएगा ताकि आरोपी के डीएनए टेस्ट का मिलान कराया जा सके। क्योंकि डीएनए मिलान ही आरोपी को कड़ी सजा दिलाने के लिए मुख्य हथियार साबित होगा।
दो बच्चों की पहले हो चुकी मौत
बिजनौर के निम्न वर्ग से ताल्लुक रखने वाले इस परिवार पर पहले भी मुसीबतों का पहाड़ टूट चुका है। दंपति के दो बेटे थे। एक की मौत सांप के काटने से तो दूसरे की मौत निमोनिया बिगड़ने से हुई थी। दंपति का ढाई साल का एक बेटा है।
बाबू जी इस हैवान को मिले फांसी
बाबूजी इस हैवान को फांसी मिलनी चाहिए। तभी मेरी बेटी की आत्मा को शांति मिलेगी। रोते बिलखते दंपति की जुबां से यही बोल फूट रहे थे। हरिद्वार कोतवाली परिसर में दंपति बार बार अपनी बेटी का नाम पुकार रहा था। वह अब भी मानने को तैयार नहीं है कि उनकी बेटी इस दुनिया में नहीं रही।