अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
एक और कैदी से मोबाइल फोन मिलने से साबित होता है कि हरिद्वार जेल में कुछ तो गड़बड़ चल रहा है। पहले भी दो कैदियों से मोबाइल फोन बरामद हुए थे। यह स्थिति तब है जब यह महकमा खुद मुख्यमंत्री के पास है।
पूर्व में एक कैदी गुरविंदर से मोबाइल फोन मिलने के बाद उसका एक वीडियो लीक हुआ था। वीडियो में कैदी गुरविंदर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का ध्यान उन्हीं के ही महकमे की तरफ दिलाते हुए न्याय की गुहार कर रहा था। यही नहीं उसने जेल अधीक्षक बीपी पांडेय, कई बंदी रक्षकों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए थे। डिप्टी जेलर प्रेम सिंह चौहान ने सिडकुल थाने में कैदी चांद मोहम्मद एवं गुरविंदर सिंह के खिलाफ इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराया था। इस प्रकरण के बाद भी जेल के अंदर मोबाइल फोन मिलने की चर्चा होती रही थी। हालांकि हरिद्वार पुलिस की ओर से कई बार चेकिंग के बाद भी कोई मोबाइल फोन बरामद नहीं हुआ था। अब बुधवार को फिर एक कैदी राममनोहर के पास मोबाइल बरामद होना हैरान कर देने वाला है। एक सजायाफ्ता कैदी से मोबाइल फोन मिलना जेल प्रबंधन के कौशल पर सवाल उठाता है। जबकि वह कोर्ट में पेशी पर भी आता- जाता नहीं है।
नहीं हिली किसी अफसर की कुर्सी
हरिद्वार जेल में कैदी बेरोकटोक कैदी मोबाइल फोन चला रहे हैं तो कोई अपना वीडियो लीक कर रहा है। बावजूद इसके किसी अफसर की जिम्मेदारी तय नहीं हो रही है। कैदी गुरविंदर के वीडियो के लीक होने के प्रकरण में बंदी रक्षकों को बलि का बकरा बना दिया गया, जबकि किसी अफसर की कुर्सी नहीं हिल पाई। वहीं दूसरी तरफ देखेे तो कुख्यात सुनील राठी से एक महिला के अकेले में मुलाकात करने पर जेल अधीक्षक एसके सुखीजा की कुर्सी चली गई थी, जबकि मुलाकात के आदेश भी उन्होंने नहीं दिए थे।
जेल अधीक्षक पांडे के भाजपा से करीबी संबंध
जेल अधीक्षक बीपी पांडे के खिलाफ हाल फिलहाल में आईजी जेल पीवीके प्रसाद ने देहरादून के जेलर रहते हुए हुए कई लाख के गबन के प्रकरण का कच्चा चिठ्ठा प्रमुख सचिव गृह आनंद वर्द्धन को सौंपा है। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने तक की संस्तुति की गई है। आईजी के पत्र के बाद भी जेल अधीक्षक के पद पर बीपी पांडे जमे हुए हैं। चर्चा तो ये है कि उनकी भाजपा में खासी पैठ है।