फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गैस सिलेंडर की आग से घर जलकर राख

विज्ञापन
file photo - फोटो : demo pics
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो

विज्ञापन

जुखाला (बिलासपुर)।
जुखाला के गसौड़ में बुधवार रात गैस सिलेंडर में रिसाव होने से लगी आग से तीन कमरों का मकान जलकर राख हो गया है। आग लगने से करीब छह लाख की संपत्ति का नुकसान हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों और दमकल विभाग के कर्मचारियों की मदद से देर रात दो बजे आग पर काबू पा लिया गया। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को पांच हजार रुपये की फौरी राहत दी गई है। जबकि हल्का पटवारी ने नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर आला अधिकारियों को भेज दी है।

जानकारी के अनुसार गसौड़ के शशी शर्मा के मकान में रात करीब साढ़े दस बजे गैस सिलेंडर में रिसाव हो गया। इसके बाद गैस सिलेंडर ने अचानक आग पकड़ ली। जैसे-तैसे उन्होंने गैस सिलेंडर को कमरे से बाहर निकाला और आग बुझाने का प्रयास किया। मग आग पर आग पर काबू नहीं पाया जा सका और गैस सिलेंडर में लगी आग पूर घर में फैल गई।
विज्ञापन


बच्चों को कड़ी मशक्कत के बाहर निकाला बाहर
जिस समय आग लगी उस समय शशीपाल के बच्चे घर के भीतर ही सो रहे थे। उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद घर से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसी दौरान आग लगने की सूचना लोगों ने दमकल विभाग को दी। लेकिन, जब तक फायर की गाड़ी बिलासपुर से गसौड़ पहुंची, तब तक पूरा मकान स्वाह हो चुका था। शशीपाल के मुताबिक इस आग की वजह से करीब छह लाख रुपये का नुकसान हुआ है। दमकल विभाग ने लगभग दो घंटे के बाद इस आग पर काबू पाया।

गौरतलब है कि जहां पर यह आग लगी थी उसके साथ गौशाला थी, जिसकी ऊपरी मंजिल में भूसा भरा हुआ था और मकान के साथ अन्य कई लोगों के मकान थे, अगर यह आग भूसे को लग जाती तो पूरा गांव जल सकता था। आग को बुझाने के लिए स्थानीय लोगों ने बहुत प्रयास किया, जिसकी वजह से यह आग आगे नही फैल सकी। वीरवार को स्याहुला सर्कल के पटवारी ने घटना स्थल का दौरा कर प्रभावित परिवार को पांच हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की है। जबकि नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट भेज दी है।
विज्ञापन


दस लाख तक का मिलता है मुआजा : सैनी
इंडेन गैस सर्विस बिलासपुर के प्रबंधक टीसी सैनी ने बताया कि उनकी टीम ने घटना स्थल का दौरा कर लिया है। गैस सिलेंडर में रिसाव हुआ है, मगर गैस सिलेंडर फटा नहीं है। गैस उपभोक्ता की थर्ड पार्टी इंश्योरेंस होती है, ऐसी घटना घटने पर दस लाख रुपये तक मुआवजा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में कंपनी को रिपोर्ट भेज दी गई है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें