अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। चालान कटवाने का विरोध करना युवा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राजीव चौधरी को भारी पड़ा है। चौधरी के खिलाफ सीपीयू के दारोगा जसपाल ने ज्वालापुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। इसके बाद पुलिस ने राजीव की गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर दबिश दी।
मंगलवार शाम सिटी अस्पताल के सामने सीपीयू के दारोगा जसपाल ने कार से जा रहे युवा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राजीव चौधरी को रोककर मोबाइल बात करने का आरोप लगाते हुए चालान काटने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन मोबाइल पर वार्ता का साक्ष्य नहीं मिलने पर दारोगा ने कार को अनियंत्रित तरीके से चलाने का आरोप जड़ते हुए कागज मांगे। बेवजह आरोप लगाने का विरोध करने पर राजीव चौधरी के पक्ष में कांग्रेस के कई नेता भी मौके पर पहुंच गए। हंगामे की स्थिति को देखते हुए पुलिस के सीओ प्रकाश देवली ने मौके पर पहुंच कर युवाओं को शांत कराया। बाद में ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने सीपीयू के दारोगा जसपाल की तहरीर पर मंगलवार की रात को ही राजीव चौधरी एवं 20 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
ज्वालापुर कोतवाली के कार्यवाहक प्रभारी संजीव थपलियाल ने बताया कि राजीव चौधरी की गिरफ्तारी को उनके घर के साथ अन्य संभावित स्थानों पर दबिश दी गई, लेकिन आरोपी हत्थे नहीं चढ़ सका है।
जनता में भय बनाने को किया मुकदमा: राजीव
हरिद्वार। पुलिस की कार्रवाई का विरोध करने के बाद मुकदमा दर्ज कराने पर राजीव चौधरी ने कहा कि उन पर किया गया मुकदमा जनता और युवाओं में भय का वातावरण बनाने का प्रयास है।
राजीव चौधरी ने अमर उजाला कार्यालय पहुंचकर बताया कि बिना जांच और पूछताछ के उन पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया, लेकिन पुलिस की ज्यादती के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा। पुलिस की ज्यादती का जवाब दिया जाएगा। इसके लिए शहर में हस्ताक्षर अभियान चलाते हुए जन समर्थन जुटाया जा रहा है।
एसपी को शिकायत करते हुए रखा अपना पक्ष
राजीव चौधरी ने एसपी को शिकायत करते हुए बताया कि उनका छोटा बेटा रामकृष्ण मिशन अस्पताल कनखल में भर्ती था। वह जरूरी सामान लेने के लिए शंकर आश्रम चौक स्थित मीना एनक्लेव में अपने घर जा रहा था। इस दौरान चंद्राचार्य चौक से सीपीयू कर्मी उसके पीछे लगे और कार को रुकवाते हुए चालान काटने की बात कही। मोबाइल पर वार्ता का सबूत दिखाने पर सीपीयू के दारोगा जसपाल ने कार को अनियंत्रित तरीके से चलाने का आरोप लगाते हुए 500 रुपये मांगे। इनकार करने पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी। जिसका विरोध करते हुए दारोगा पर कार्रवाई की मांग की।