ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
हरिद्वार पुलिस के रिकार्ड में रजिस्टर्ड नौ गैंग में से नवें नंबर के गैंग का मुखिया प्रवीण वाल्मीकि है। उसके अपराध जगत के गुरु सुनील राठी एवं राठी के प्रतिद्वंदी गैंग से ताल्लुक रखने वाले कुख्यात संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा के गैंग भी नए सिरे से रजिस्टर्ड हो चुके हैं। वहीं, मुठभेड़ में मारे गए पुष्पेंद्र से लेकर गायब चल रहे कई बदमाशों के गैंग निष्क्रिय कर दिए गए हैं। अब सबसे नया गैंग हरिद्वार पुलिस की नाक में दम कर रहे बदमाश प्रवीण वाल्मीकि का ही है। जिला पुलिस की डीसीआरबी शाखा में इन सभी बदमाशों के गैंगों का कच्चा चिट्ठा जुटाया जाता है।
वर्ष 2014 में जब कुख्यात सुनील राठी के इशारे पर रुड़की जेल के मुख्य द्वार पर गैंगवार हुई थी तब उसका गैंग तक पुलिस रिकार्ड में रजिस्टर्ड नहीं था। न ही जीवा के गैंग का अता पता था लेकिन फिर कुछ समय बाद इन दोनों के गैंग रजिस्टर्ड किए गए। कुछ वक्त बाद पुलिस रिकार्ड में रहे पुष्पेंद्र के गैंग की फाइल इसलिए बंद कर दी गई क्योंकि वह मुठभेड़ में मारा गया। यही नहीं बदमाश प्रमोद सैनी, शंकर उर्फ सेंटरपाल, शिवराम भी कहां है, इसका अता पता किसी को नहीं है। फिलवक्त राठी का दुश्मन नंबर एक विनीत शर्मा उर्फ चीनू पंडित रजिस्टर्ड गैंग की लिस्ट में शामिल है। चीनू के अलावा सपा सांसद फूलन देवी के कत्ल के दोषी ठहराए गए रुड़की के शेरसिंह राणा, सत्तार, नाजिम सलमानी, चमन उर्फ फैय्याज, सुनील राठी, संजीव जीवा माहेश्वरी, अमित मलिक उर्फ भूरा गैंग सक्रिय हैं। रुड़की गैंगवार को अंजाम देने वाले कुख्यात अमित मलिक उर्फ भूरा का नाम भी इस सूची में नया है। ये वही भूरा है, जो बागपत में उत्तराखंड पुलिस की अभिरक्षा से तीन ऑटोमेटिक हथियार लेकर फरार हो गया था और तब उस पर तीन राज्यों की सरकारों ने 11 लाख का इनाम रखा था। वर्तमान में वह पटियाला की जेल में बंद है। प्रवीण वाल्मीकि के गैंग को भी पुलिस अपटेड कर रही है।