हरिद्वार। यूपी पुलिस के कांस्टेबल नरेंद्र गौड़ शास्त्री के विवेक विहार कालोनी में घर हुई फायरिंग के प्रकरण में स्थानीय पुलिस के हाथ कोई महत्वपूर्ण क्लू नहीं लगा है। अब पुलिस टीम मुकदमे में नामजद बदमाशों की धरपकड़ के लिए मेरठ जाएगी। फायरिंग किस बोर से की गई, ये भी साफ नहीं हो सका है।
यूपी के नोएडा गौतम बुद्धनगर में अभियोजन कार्यालय में तैनात कांस्टेबल नरेंद्र गौड़ शास्त्री ने दो दिन पूर्व कोतवाली ज्वालापुर में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि मेरठ में तैनाती के दौरान उसने कचहरी में पुलिस अभिरक्षा से फरार हो रहे बदमाश सचिन पिस्टल को दबोच लिया था। उसी वक्त से सचिन पिस्टल उससे रंजिश रखता है। आरोप था कि सचिन पिस्टल गैंग के बदमाश 18 जून को उसके घर पहुंचे थे और पत्नी से पांच लाख की चौथ देने की मांग की थी। आरोप था कि तीन दिन पूर्व देर रात करीब तीन बजे उसके घर पर फायरिंग की गई और बदमाश फरार हो गए। कांस्टेबल की पत्नी की सूचना पर स्थानीय पुलिस पहुंची थी और एक खोखा बरामद हुआ था। इधर, पुलिस जब कांस्टेबल के घर तफ्तीश के दौरान पहुंची तब पाया कि घर के आस-पास कोई सीसीटीवी कैमरे ही नहीं है। घर भी विवेक विहार कालोनी में बिलकुल पीछे है, जिसके पास से रेलवे लाइन भी गुजर रही है। पुलिस पड़ताल में यह भी सामने नहीं आ सका कि किस बोर के हथियार से फायरिंग हुई है। रेल चौकी प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि तफ्तीश चल रही है।