हरिद्वार।
ज्वालापुर क्षेत्र में नया गांव मार्ग पर मिले युवक के शव की पहचान वीरेंद्र गुसांई (27) पुत्र उदय सिंह निवासी सदानंद विहार नत्थुवावाला रायपुर देहरादून के रूप में हुई है। युवक के सिर पर भारी भरकम वस्तु से प्रहार कर हत्या की गई थी। मृतक की शिनाख्त होने पर ज्वालापुर पुलिस ने हत्याकांड की जांच शुरू कर दी है।
नौ मई को हाईवे से सटे नया गांव मार्ग पर एक युवक का खून से लथपथ शव झाड़ियों में मिला था। मृतक के सिर पर चोट के गहरे निशान थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर दो गहरे घाव होना सामने आया था। युवक की शिनाख्त न होने पर पुलिस का सिरदर्द बढ़ गया था। शुक्रवार को कोतवाली ज्वालापुर पहुंची लक्ष्मी देवी ने फोटो के आधार पर मृतक की शिनाख्त अपने बेटे वीरेंद्र के रूप में की। पुलिस पूछताछ में महिला ने बताया कि उसके बेटे ने खुद को देहरादून में एक ट्रेवल एजेंसी में कार्यरत होना बताया था, लेकिन ट्रेवल एजेंसी के संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है। महिला ने पुलिस को बताया वीरेंद्र अक्सर हरिद्वार भी आया करता था। सात मई को वीरेंद्र घर से निकला था। उस दिन मोबाइल फोन पर उससे बात भी हुई थी। आठ मई से उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ है। कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि वीरेंद्र के पिता सर्वे ऑफ इंडिया से सेवानिवृत्त हैं। वीरेंद्र की शादी नहीं हुई थी। हत्याकांड के संबंध में गहनता से जांच शुरू कर दी गई है।
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नसीब में नहीं था बेटे का शव
हरिद्वार। बेटे का शव भी बुजुर्ग मां को नहीं मिल सका। दरअसल जब 72 घंटे तक युवक की पहचान नहीं हुई तब पुलिस ने नियमानुसार उसका दाह संस्कार लावारिस के तौर पर करवा दिया। बेटे को आखिरी बार न देख पाने का गम भी मां को ताउम्र सालता रहेगा।
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मोबाइल फोन पर फोकस
हरिद्वार। ज्वालापुर पुलिस का फोकस मृतक वीरेंद्र के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकार्ड पर है। पुलिस ने मां से उसका मोबाइल फोन नंबर ले लिया है। सीआईयू भी हत्याकांड के खुलासे में जुट गई है। पुलिस का मानना है कि मोबाइल फोन से हत्याकांड से जुड़ा क्लू मिल सकता है।