चंद्राचार्य चौक क्षेत्र के एक स्कूनर पार्लर की आड़ में नशे का कारोबार फल फूल रहा है। यहां विशेषकर नाबालिगों को नशे की जद में धकेला जा रहा है। शहर के नामचीन स्कूलों के छात्र-छात्रा ट्यूशन पढ़ने का बहाना बनाकर या स्कूल गोल कर दिन भर स्नूकर में नशे में डूबे रहते हैं। स्थानीय पुलिस इस गोरखधंधे से बेखबर है। क्षेत्र में यह स्नूकर पार्लर बेहद चर्चित है। शहर के संपन्न घरानों से ताल्लुक रखने वाले ये नाबालिग स्नूकर में दिन भर तरह-तरह का नशा करते हैं।
यहां सुल्फा, स्मैक से लेकर शराब बीयर का नशा उपलब्ध है। यही नहीं, हुक्का बार भी अवैध ढंग से संचालित हो रहा है। ये नाबालिग छात्र-छात्रा अपने अपने घरों से रकम चोरी कर नशे में उड़ा रहे हैं और नशा उपलब्ध कराने के नाम पर मुंहमांगी रकम वसूली जा रही है। स्नूकर की आड़ में नशे का धंधा कर रहे धंधेबाज पहली बार मुफ्त में नशा उपलब्ध कराते हैं। फिर जब नाबालिग इसके आदी हो जाते हैं, तब उनसे नशे के नाम पर रकम वसूलने का काम हो जाता है। स्नूकर की आड़ में नशे का अड्डा संचालित कर रहे धंधेबाज राजनीतिक दलों से भी जुड़े हुए हैं। एक अभिभावक ने बताया कि उनका बेटा अब तक 50 हजार से अधिक की रकम चोरी कर चुका है और स्नूकर में नशा कर रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जन्मेजय प्रभाकर खंडूडी ने बताया कि नाबालिगों को नशे में धकेलना गलत बात है। इस तरह के स्नूकर पर निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी।