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आओ साथी आज चले बूथ, मतदान कर बढ़ाए लोकतंत्र की शान

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सोमवार को एक बार फिर मतदाता भाग्यविधाता की भूमिका में होंगे। हरिद्वार जिले की 11 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। यदि आपको मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलें तो यह समझ जाएगा कि लोकतंत्र के इस महापर्व में बड़ी आहुति डाली गई है। फिर देर किस बात की आइए, कोई भी पहचान पत्र जेब में रखें और पहुंच जाइए अपने निर्धारित बूथ पर। कुछ देर तक कतार में भी रहिए और फिर दबा दीजिए अपना मनचाहा बटन।
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ये दिन फिर पांच साल बाद आएगा
महासमर सज गया है। वही महारथी मैदान में हैं जिन्होंने आपके दरवाजे पर लगातार दस्तक दी। तरह-तरह के वादे और दावे भी किए। चुने जाने के बाद इनका राज तो पांच साल तक चलेगा, लेकिन आपके पास है आज का दिन। फैसला कोई योद्धा नहीं, बल्कि आप करेंगे, क्योंकि आज आप इनके भाग्य विधाता हैं। फिर देर किस बात की, उठिए, सोचिए और जो आपकी कसौटी पर खरा हो उसका बटन दबा दीजिए। यह मत भूलिए कि आज सबसे पहले मतदान और फिर उसके बाद भी कोई दूसरा काम।
हर वोट की है ताकत
अक्सर कुछ लोग यह भी कहते रहते हैं कि मेरे एक वोट न डालने से क्या होगा। यदि यह सोच बनाने लगेंगे तो मतदान प्रतिशत प्रभावित हो सकता है। हम यह सोचें कि यदि हम वोट नहीं डालेंगे तब क्या होगा। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हर वोट की कीमत है और आपके एक-एक वोट की ताकत ही सरकार का गठन करेगी।
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बिना किसी डर के जाएं बूथ पर
यदि आपको बूथ तक जाने में किसी भी तरह का कोई खौफ नजर आता है तो उसे भूल जाइए, क्योकि पुलिस -प्रशासन ने ऐसे इंतजाम किए हैं कि कोई आंख तक नहीं उठा पाएगा। कोई आपका जबरन वोट डालने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाएगा। पुलिस-प्रशासन पहले ही लाल और पीले कार्ड जारी कर संदिग्धों पर नकेल कस चुका है।
दुल्हन की तरह सजे पिंक और मॉडल बूथ
मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए प्रशासन भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा। हर विधानसभा क्षेत्र में एक पिंक और एक माडल बूथ बनाया गया है। इन बूथों को दुल्हन की तरह सजाया गया है। खास बात यह भी है कि पिंक बूथ पर सारा स्टाफ महिलाओं का रहेगा। यहां महिला पुलिसकर्मियों की संख्या भी अधिक रहेगी। पिंक बूथ उस क्षेत्र में बनाए गए हैं जहां महिला मतदाताओं की संख्या अधिक है। हालांकि यहां पुरुष मतदाता भी वोट डाल सकेंगे। मॉडल बूथ पर युवाओं के लिए सेल्फी प्वाइंट भी बनाए गए हैं। दिव्यांगजनों के लिए बूथ अलग से हैं।
रहेगी चुनाव आयोग की नजर
संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों पर पुलिस-प्रशासन के साथ ही चुनाव आयोग की भी पैनी नजर रहेगी। ऐसे मतदान केंद्रों से वेब कास्टिंग की जाएगी। कैमरे ऐसी जगह लगाए गए हैं जहां से मतदान केंद्र परिसर की हर गतिविधि आयोग के अधिकारी जिला मुख्यालय से ही देख सकेंगे।
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