हरिद्वार। पूर्व मंत्री और भाजपा नेता डा. हरक सिंह रावत ने मुख्यमंत्री हरीश रावत से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की मांग की है। कहा कि जिस तरह से कांग्रेस छोड़ने वाले विधायकों को परेशान करने के लिए अनैतिकता की हदें लांघी जा रही है वह सूबे की राजनीति को शर्मसार करने वाली है। उन्होंने अर्द्ध्रकुंभ मेले में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की।
यहां एक कार्यक्रम में आए पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने गंगापार बैरागी कैंप में क्षतिग्रस्त अस्थायी पुल का निरीक्षण करने के साथ ही जनसमस्याएं भी सुनीं। इस दौरान अमर उजाला से हुई वार्ता में रावत ने आरोप लगाया कि बैरागी कैंप को कनखल से जोड़ने वाले पुल का टूटना साबित करता है कि अर्द्धकुंभ मेले में बजट का बंदरबाट किया गया। कैबिनेट में अर्द्धकुंभ के अधिकतर काम स्थायी प्रवृत्ति के कराने के फैसले के उलट काम किए गए। बजट की इस बर्बादी की सीबीआई जांच होनी चाहिए।
उन्होंने अपने खिलाफ दिल्ली में दर्ज कराए गए बलात्कार के मुकदमे के बारे में कहा कि अब मुख्यमंत्री कार्यालय की पोल खुल गई है। जिन लोगों ने कांग्रेस छोड़ी उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। शीघ्र ही वे इस बारे में और भी खुलासे करेंगे कि हरीश रावत अपनी सरकार बचाने के लिए क्या-क्या कदम उठा रहे हैं।
बैरागी कैंप में निरीक्षण के दौरान संजय चोपड़ा, जीतेंद्रत्यागी, राकेश अग्रवाल, विजय चौहान, योगेंद्र चौहान, सोनू सिंह, रवि कुमार, सोनू, रेणु देवी, शकुंतला देवी, सुमित्रा रानी, संतोष देवी, लक्ष्मी देवी, शांता देवी, कुसुम देवी, कमलेश, लता रानी, सुरे्रश सिंह, सुरेंद्र रावत, रामकुमार अग्रवाल, सोनू सिंह, रोहित कुमार, रवि गुप्ता, श्यामलाल असवाल, अंकित शर्मा आदि मौजूद रहे।