हरिद्वार। विभिन्न मांगों को लेकर नगर निगम के हड़ताली कर्मचारियों ने तीसरे दिन शुक्रवार को जबरदस्त प्रदर्शन किया। दो घंटे से अधिक समय तक कार्यालय का घेराव करने के बाद नगर आयुक्त से हुई वार्ता में शराब पीकर मारपीट करने के आरोपियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई पर सहमति बनीं। अन्य मांगों पर भी सकारात्मक आश्वासन के बाद भी आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया गया। कहा गया कि मांगों पर कार्रवाई होने के बाद ही आंदोलन समाप्त होगा।
नगर निगम के कर्मचारी नौ सूची मांगों को लेकर तीन दिन से आंदोलित हैं। तीसरे दिन र्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी ताकत का अहसास कराया। दो घंटे से अधिक समय तक कार्यालय का घेराव करने के बाद कर्मचारियों और नगर आयुक्त के बीच मांगों को लेकर लंबी वार्ता हुई। पूर्व सभासद दिनेश जोशी के आंदोलन के समर्थन में आने से संयुक्त मोर्चा काफी उत्साहित हुआ।
नगर आयुक्त कार्यालय में शराब पीकर कुछ कर्मचारियों के साथ मारपीट करने वाले दो कर्मचारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई नहीं होने पर संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने नाराजगी जताई। अपर मुख्य नगर आयुक्त विप्रा त्रिवेदी ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आरोप साबित होने पर उन्हें सेवा से बर्खास्त भी किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि रक्षा बंधन से पहले सभी कर्मचारियों को वेतन तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को एक माह की पेंशन हरहाल में मिल जाएगी। एसीपी भुगतान के लिए वरिष्ठता सूची बनाई जा रही है। चक्रीय प्रणाली के तहत लिपिक व सफाई नायकों का स्थानांतरण इसी महीने किया जाएगा। अर्द्धकुंभ मेला भत्ता के संबंध में शासन को भेजे पत्र की एक प्रति नगर आयुक्त ने मोर्चा के पदाधिकारियों को दी। इस सबके बावजूद संयुक्त मोर्चा ने आंदोलन समाप्त नहीं किया है। उनका कहना कि सराय में कूड़ा डालने जाने वाले ड्राइवरों के साथ मारपीट करने वालों के विरुद्ध एफआइआर दर्ज नहीं कराई जा रही है। उन्हें बिना सुरक्षा के जबरन गाड़ी लेकर वहां कूड़ा डालने भेजा जा रहा है। इस समस्या का निराकरण होने तक धरना जारी रहेगा।
वार्ता में श्रमिक नेता रमेश चंद्र छाछर, सुरेंद्र तेश्वर, टंकार कौशल, राधेश्याम छाछर, सुनील राजौर, इंद्र सिंह रावत, दिनेश चंद्र जोशी, रामचंद्र, सुधाकर भट्ट, आदेश यादव, घनश्याम रावत, मदनपाल सिंह व राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी आदि शामिल थे।