चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति ने सरकारी भर्तियों में हो रहे फर्जीवाड़े की सीबीआई या फिर हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच कराने की मांग। समिति ने सिटी मजिस्ट्रेट को सीएम को संबोधित ज्ञापन दिया।
समिति के केंद्रीय संयोजक महेश गौड़ और जिला अध्यक्ष जेपी बडोनी के नेतृत्व में राज्य आंदोलनकारी सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। पदाधिकारियों ने कहा कि सरकारी भर्तियों में उजागर हो रहे घोटाले से उत्तराखंड की बदनामी हो रही है। प्रदेश के लाखों ईमानदार मेहनती युवाओं के साथ धोखा हो रहा है। ऐसे युवाओं के अभिभावक चिंतित और कुंठाग्रस्त हैं। गरीब और मध्यम परिवार के लोग केवल अपनी मेहनत के बल पर ही भर्ती के सपने संजोए हुए हैं। मगर ऐसी स्थिति में उनके सभी सपने टूटते हुए दिख रहे हैं।
युवाओं में भारी हताशा का माहौल है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, विधानसभा में हुई भर्तियों और सहकारी समितियों में अवैध भर्तियों को रद्द किया जाए। सभी दोषियों को दंडित कर जेल भेजकर उनकी संपत्ति कुर्क की जाए। इस मौके पर समिति के महामंत्री रामदेव मौर्य, आनंद सिंह नेगी, सूर्यकांत भट्ट, आरएस मनराल, भीमसेन रावत, नत्थी लाल जुयाल आदि मौजूद रहे।