हरिद्वार। एसओजी और रानीपुर पुलिस ने भारी मात्रा में नकली फेसवॉश बरामद कर एक आरोपी को धर दबोचा। लेकिन गैंग का सरगना हत्थे नहीं चढ़ पाया है। नकली फेसवॉश मल्टीनेशनल कंपनी हिमालया के नाम से कई राज्यों को सप्लाई की जा रही थी।
सोमवार को नगर पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि सूचना पर एसओजी और रानीपुर पुलिस ने पथरी पावर हाउस के पास एक दुकान में छापा मारा। मौके से पुलिस के हत्थे आरोपी संजीव (पुत्र रणकुमार निवासी गांव कपूरी थाना नागल जिला सहारनपुर यूपी) हाल निवासी गांव ब्रह्मपुरी चढ़ा। जांच पड़ताल की तो गोदाम से करीब 5200 नकली फेसवॉश की ट्यूब बरामद की गईं। इसकी कीमत बाजार में करीब पांच लाख रुपये है। पूछताछ में आरोपी संजीव ने बताया कि गोरखधंधे का असली कर्ताधर्ता नीटू (पुत्र पालूराम हाल निवासी बैरियर नंबर छह रानीपुर, हरिद्वार) है। वह ही नकली फेसवॉश को बाजार में उतारता है।
एसपी सिटी के अनुसार संजीव नहीं जानता है कि यह नकली फेसवॉश कहां और कैसे बनाया जाता है। यहां से कई राज्यों में इसकी सप्लाई औने-पौने दाम में की जाती है। संजीव ने ही हिमाचल प्रदेश के बद्दी (जिला सोलन) से संजय ट्रेडर्स के यहां से हिमालया कंपनी की खाली ट्यूब उपलब्ध करवाई गई थी। पूर्व में संजीव कई मल्टीनेशनल कंपनियों की तीस हजार रुपये की ट्यूबें बाजार में उतार चुका है। वह ही स्क्रैप दिलाने का काम करता है। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस रिकार्ड में पहले ही दर्ज नाम
हरिद्वार। पुलिस रिकार्ड में गैंग लीडर नीटू और संजीव का नाम पहले से दर्ज है। मेरठ के दौराला से पोंडस क्रीम से भरा ट्रक लूटने के मामले में वह जेल जा चुका है। गैंगस्टर के मामले में उसकी तलाश यूपी पुलिस लंबे समय से कर रही है। गैंग सरगना नीटू भी सिडकुल व रानीपुर कोतवाली से अमानत में खयानत एवं चोरी के मामले में जेल जा चुका है। यह मामले भी सौंदर्य प्रसाधन से जुड़े हुए हैं।
खूब की कमाई
हरिद्वार। इस धंधे के मुख्य कर्ताधर्ता नीटू ने बैरियर-छह के पास अपना मकान बनाया हुआ है। इस धंधे की कमाई से उसने चौपहिया वाहन भी खरीदा है। मूल रूप से सहारनपुर निवासी नीटू ने हरिद्वार को कई वर्षों से अपना ठिकाना बनाया हुआ है।
अत्याधुनिक मशीन से पैकिंग
हरिद्वार। एसओजी को एक क्लिप भी मिली है जिसमें नकली फेसवॉश की पैकिंग होते दिखाई गई है। यह क्लिप आरोपी संजीव के मोबाइल फोन से मिली है। अत्याधुनिक मशीन से पैकिंग हो रही है।
कंपनी वाले भी खा गए गच्चा
हरिद्वार। सूचना पर बद्दी (हिमाचल) से हिमालया की सहयोगी नेक्सपर कंपनी के हेड मेथ्यू जॉन, हिमालया कंपनी के प्रोडेक्शन एक्जूक्यूटिव ब्रजेश तिवारी हरिद्वार पहुंचे। वे भी एकबारगी नकली ट्यूब देखकर धोखा खा गए। लेकिन ट्यूब के पिछले हिस्से की पैकिंग एवं उस पर बनी नीम की पत्तियों का रंग हरे की बजाय नीला होने पर नकली होने की बात सामने आई। बताया कि नकली फेसवॉश में बहुत तेज महक है और संभवत: इसे सोडियम हाइड्रोऑक्सिट एवं डिटरजेंट से बनाया गया है। यह त्वचा के लिए बेहद खतरनाक है।
देहात पर फोकस
हरिद्वार। देहात का दुकानदार जागरूक नहीं होता जिससे यह नकली फेसवॉश आसानी से बिक जाता है। इतना ही नहीं यह दुकानवाले बिल की डिमांड तक नहीं करते। कंपनी के अधिकारी मानते हैं कि इसमें होलसेलर भी संलिप्त हो सकते हैं। इसकी आशंका इसलिए भी ज्यादा है कि देहात में फेसवॉश की इतनी बड़ी डिमांड नहीं है।