हरी विकास मंत्री मदन कौशिक को ज्ञापन देते जूना अखाड़ा के संत ।
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देश के सभी तीर्थों पर कर्मकांड कराने वाले पुरोहितों के सामने आर्थिक संकट आ खड़ा हुआ है। इसका निराकरण अब पुरोहित संस्थाओं ने करना शुरू कर दिया है।
अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीकांत वशिष्ठ ने बताया कि दक्षिण भारत के रामेश्वरम तीर्थ से वरिष्ठ पदाधिकारी दशपुत्रे पंडा ने तीर्थ के बारे में महासभा को अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि यात्रियों के न आने से पुरोहित परिवारों के सामने खाने पीने की समस्या भी खड़ी हो गई है। इस पर अध्यक्ष और महामंत्री संस्था के अन्य पदाधिकारियों से वार्ता की। निर्णय लिया गया है कि आर्थिक मदद की जाए। इसके लिए पहली किश्त के रूप में सवा लाख रुपये की धनराशि महासभा के कोष से रामेश्वरम संस्था को भेजी गई। श्रीकांत वशिष्ठ ने बताया कि वैद्यनाथ धाम के प्रतिनिधि कार्तिक नाथ ठाकुर के सुझाव पर महासभा ने पुरोहित आपदा कोष बनाया है। इस कोष के माध्यम से धनराशि एकत्रित और वितरित की जाएगी।
उधर, गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ के संयोजन में मालवीय धाम से पुरोहितों को दैनिक सामान वितरित करने का काम लगातार जारी है। इसी प्रकार धड़ा पंचायत फेराहिडियान के संयोजन में पांडेवाला के रघुनाथ मंदिर में सैकड़ों लोगों को प्रतिदिन भोजन देने का काम निरंतर जारी है। संस्था के महामंत्री उमाशंकर वशिष्ठ ने बताया कि लॉकडाउन हटने तक जनसेवा निरंतर जारी रहेगी।