राज्य सरकार से हिसाब मांगने के लिए कांग्रेस का महानगर कार्यालय घेरने जा रहे भाजपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया। इस दौरान पुलिस कर्मियों के साथ भाजपाइयों धक्कामुक्की हो गई। जिसमें एक महिला कार्यकर्ता सहित कई लोग चोटिल हुए। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए 30 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस लाइन से उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत भाजपा कार्यकर्ता शुक्रवार की दोपहर सूखी नदी पर एकत्रित हुए। यहां हुई सभा को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के प्रभारी किशन बजाज और संयोजक शक्ति त्यागी ने राज्य सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया। कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्रों को न देकर सत्ता में बैठे लोग अपने चहेतों को पहुंचा रहे हैं। विधायक प्रतिनिधि मुकेश कौशिक ने कहा कि प्रदेश में माफिया राज चल रहा है। विधानसभा संयोजक विकास तिवारी और जिला उपाध्यक्ष नरेश शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार जब से प्रदेश में बनी है प्रदेश का विकास कार्य ठप पड़ा है। सभा को कई अन्य नेताओं ने संबोधित किया। इसके बाद मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता सुभाष घाट स्थित महानगर कांग्रेस के कार्यालय की तरफ कूच कर गए। पुलिस ने भीमगोड़ा बैरियर पर ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया। भाजपाई जबरदस्ती करने लगे। जिस पर एएसपी राजगुरु, कोतवाल योगेंद्र पाल भदौरिया, डीएस रावत और अन्य पुलिस कर्मियों के साथ तीखी नोकझोंक हुई। नेताओं ने बैरिकेडिंग पर चढ़ने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी को पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान हुई धक्कामुक्की में रीना कश्यप सहित पांच छह भाजपाई चोटिल हो गए। पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया। जिन्हें पहले रानीपुर कोतवाली लाया गया और वहां से पुलिस लाइन ले गए। जहां निजी मुचलकों पर छोड़ दिया। प्रदर्शनकारियों में भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष उज्जवल पंडित, मध्य हरिद्वार मंडल की अध्यक्ष कामिनी सड़ाना, मंडल महामंत्री विनित जौली एवं रवि जैसल, पूर्व महिलाध्यक्ष संजना शर्मा, बसंत अरोड़ा, जगजीवन राम, सुमित लखेड़ा, राजेंद्र कटारिया, राजकुमार, अनिल मिश्रा, दीपक टंडन, बिंदिया गोस्वामी, संगीता गुप्ता, गौरव गिरि, चंद्रकिरण सिंह, सोहनवीर, अनिल पुरी, विदित शर्मा, अंकित गुप्ता समेत बड़ी संख्या में भाजपाई शामिल हुए।