केंद्र सरकार के शहरी विकास विभाग के निदेशक आरके द्विवेदी को शहर में निर्मित बायोडायजेस्टर टॉयलेट (शौचालय) भा गए हैं।
बीएचईएल ने फिक्की के सहयोग से अर्द्धकुंभ 2016 में शहर में नई तकनीक के शौचालयों का निर्माण शुरू किया था। स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 के सर्वे के लिए आई कंपनी केपीएमजी की सर्वे टीम के काम का निरीक्षण करने आए केंद्रीय शहरी विकास निदेशक आरके द्विवेदी ने जिलाधिकारी के आवासीय कार्यालय के बाहर बने बायोडायजेस्टर शौचालय का निरीक्षण किया। उन्होंने इसे स्वच्छता मिशन में हरिद्वार में किया गया एक नया प्रयोग माना है। शहरी विकास निदेशक ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना का गांव सराय में केआरएल का निर्माणाधीन कंपोस्ट प्लांट व ट्रैंचिंग ग्राउंड का भी निरीक्षण किया और कंपनी के अधिकारियों से जरूरी जानकारी ली।
निदेशक ने मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. प्रवीण कुमार एवं ओएसडी पीएस रावत के साथ हर की पैड़ी, भीमगोडा, खड़खड़ी, भूपतवाला, आर्यनगर, ज्वालापुर में मोहल्ला कड़च्छ, अहबाबनगर, अंबेडकर नगर, पीठ बाजार, राजीव नगर बस्ती, कनखल में कृष्णानगर, मध्य हरिद्वार, रेलवे स्टेशन व रोडवेज स्टैंड आदि क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने हर घर में शौचालय बनाने की योजना की भी जानकारी ली। इन क्षेत्रों में भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय से स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 का ठेका लेने वाली कंपनी की टीम ने बृहस्पतिवार व शुक्रवार को सर्वे किया था।
गौरतलब है कि देश के 500 शहरों में स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 का काम 4 जनवरी से शुरू हुआ था। हरिद्वार का सर्वे नौवें दौर में किया गया। सभी शहरों का सर्वे पूरा होने के बाद केंद्र सरकार का शहरी विकास मंत्रालय शहरों को स्वच्छता के अंक प्रदान करेगा।