देहरादून से आई विजिलेंस की टीम ने खंड शिक्षा अधिकारी ओपी वर्मा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। यह रिश्वत एक प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक से निर्माण कार्य पर अनापत्ति प्रमाण-पत्र देेने के एवज में मांगी जा रही थी।
एसपी विजिलेंस मणिकांत मिश्रा ने बताया कि जबरदस्तपुर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक देशराज ने विजिलेंस को दी शिकायत में कहा था कि खंड शिक्षा अधिकारी नारसन/रुड़की ओपी वर्मा उनसे विद्यालय में हुए निर्माण कार्य का अनापत्ति प्रमाणपत्र देने के नाम पर 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विजिलेंस टीम ने शिकायतकर्ता से संपर्क किया। बीईओ वर्मा को रंगेहाथ गिरफ्तार करने के लिए योजना बनाई गई। योजना के तहत प्रधानाध्यापक ने रिश्वत के रुपये देने के लिए बीईओ वर्मा से संपर्क किया।
बीईओ ने हिमालयन गेस्ट हाउस के समीप शिक्षक को रुपयों के साथ बुलाया। बीईओ वर्मा वहां पर अपनी कार से पहुंचे और कार में बैठकर ही रिश्वत लेने लगे। उसी दौरान विजिलेंस के इंस्पेक्टर एसएस बिष्ट टीम के साथ वहां पहुंच गए और बीईओ को रंगेहाथ रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। बीईओ को टीम गंगनहर कोतवाली लेकर आई। यहां पर पूछताछ के बाद उन्हें देहरादून विजिलेंस कार्यालय ले गई।