जिले में पुलिस विभाग में कब क्या हो जाए, इसको लेकर कुछ नहीं कहा जा सकता। एसओ कनखल पद से हटा दिए गए। एसआई रितेश शाह को एक बार फिर से कनखल थाने भेजा है, पर वे एसओ नहीं होंगे बल्कि यह अस्थायी व्यवस्था है। ये बात कनखल की थी। संवेदनशील कोतवाली ज्वालापुर भी बुरी स्थिति से गुजर रही है। निरीक्षक नहीं है। एसएसआई भी बीमारी से पीड़ित हैं। रेल चौकी प्रभारी का भी तबादला हो चुका है, लेकिन किसी दारोगा के आमद न दर्ज कराने पर कोतवाली वही देख रहा है। ज्वालापुर जैसी कोतवाली पिछले दस दिन से कोतवाल विहीन चल रही है।
बाजार चौकी प्रभारी वीरेंद्र सिंह नेगी, रेल चौकी प्रभारी पूरण सिंह तोमर, एसआई जानकी भंडारी, एसआई गीता चौधरी, एसआई गजेंद्र सिंह, एसआई संजीव ममगाईं का तबादला हो चुका है। कोतवाल की ताजपोशी नहीं हुई। इसी बीच एसएसआई कमल मोहन भंडारी डेंगू की चपेट में आ गए। अब केवल रेल चौकी प्रभारी रहे एसआई पूरण सिंह ही कोतवाली में डटे हैं। ज्वालापुर में तबादला किए गए किसी भी दारोगा ने आमद दर्ज नहीं कराई है। यह हालत त्यौहार के सीजन के दौरान की है। जब दशहरा और मोहर्रम साथ ही सिर पर खड़े हैं। वह भी मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील ज्वालापुर का जब मामला हो। पांच दिन पूर्व ही एसओ कनखल पद से विदा कर दिए गए। रितेश शाह को एक बार फिर से कनखल थाने भेजा गया है। वहां से भी तीन एसआई भगतदास, मनोहर लिंगवाल, ओमकांत भूषण का तबादला हो चुका है। अब दारोगाओं का टोटा बना है। हरिद्वार कोतवाली की सप्तऋषि, रोडीबेलवाला, खडखड़ी एवं मायापुर चौकी भी खाली पड़ी हुई हैं। यही हाल रानीपुर थाने की गैस प्लांट चौकी का है।
रितेश शाह को एसओ नहीं बनाया है। उन्हें दशहरे के पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए थाने भेजा गया है। जल्द ही दारोगाओं की तैनाती कर दी जाएगी।
-राजीव स्वरूप, एसएसपी