अगर आप नवरात्रों पर व्रत हैं और कुट्टू आटा का सेवन करना चाहते हैं तो सावधान रहिए, क्योंकि खराब कुट्टू का आटा आपकी सेहत बिगाड़ सकता है। इसलिए कुट्टू आटा खरीदते समय सावधानी बरतें। खुले कुट्टे के आटे से परहेज करें। पैक्ड कुट्टू आटा खरीदकर प्रयोग करें। सबसे अधिक घर में कुट्टू की गिरी सूखाकर तैयार किया गया कुट्टू आटा शुद्ध रहेगा।
नवरात्रों पर देहरादून और लक्सर में व्रती कुट्टू का खराब आटा खाकर बीमार हो चुके हैं। जिससे प्रदेश में कुट्टू के आटे से हड़कंप मचा हुआ है। कुट्टू के आटे की सैंपलिंग और चेकिंग पूरे प्रदेश में चल रही है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की ओर से उपभोक्ताओं को भी जागरूक रहने के लिए अपील की गई है।
उपभोक्ताओं से आह्वान किया गया है कि दुकान से खुला कुट्टू का आटा न लेकर पैक्ड आटे का प्रयोग करें, उस पर भी एक्सपायरी देखकर ही खरीदें, पुराना कुट्टू काटा न खरीदें, अगर खुद कुट्टू की गिरी खरीदकर सुखाने के बाद पिसवाकर आटा तैयार करेंगे तो अच्छा रहेगा। कुट्टू का आटा गर्म होता है, इसलिए कुट्टू के आटे से बने व्यंजनों का अधिक इस्तेमाल न करें, क्योंकि, ज्यादा कुट्टू की खाद्य सामग्री नुकसान पहुंचा सकती है। उतना ही खाएं, जितना आराम से पाचन हो जाए।I
ये बरतें सावधानी
- दही के साथ कुट्टू के आटे से बनी खाद्य सामग्री का खाएं।
- कुट्टू के आटे को खरीदने से पूर्व लेबल पर अंकित विवरणों को पढ़ें।I
- खराब फंगस एवं कीड़ायुक्त और हरा एवं ग्रे रंग युक्त कुट्टू का आटा न खरीदें।
- पैक्ड कुट्टू का आटा ही खरीदें।I
- कुट्टू के आटे से निर्मित व्यंजनों का कम मात्रा में ही सेवन करें।
टोल फ्री नंबर पर करें शिकायत
उपभोक्ता कुट्टू के आटे से संबंधित शिकायत को टोल फ्री नंबर-18001804246 पर करें। शिकायत मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम की ओर से मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की जाएगी।