यूपी के शाहजहांपुर से प्रवासी कामगारों के साथ एक बालक भी रोडवेज बस में सवार होकर यहां आ गया। पांच साल से अपनी सगी मौसी के घर रह रहे बालक को मौसी ने दुत्कार दिया, जिसके बाद उसे यहां आने को मजबूर होना पड़ा। हरिद्वार कोतवाली पुलिस ने मेडिकल चेकअप के बाद बालक को रुड़की के पिरान कलियर उसके घर पहुंचकर क्वारंटीन करा दिया।
पुलिस के मुताबिक, पिरान कलियर निवासी एक युवक का दस साल का बेटा करीब पांच साल से अपनी मौसी के घर शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश रहता आ रहा था। ऐसा बताया गया है कि उसके रिश्तेदारों ने बालक के साथ अच्छा सलूक नहीं किया और लॉकडाउन के दौरान वह घर आने की जद्दोजहद में जुटा था।
रविवार की रात शाहजहांपुर से देहरादून के 26 प्रवासी कामगारों सहित कुल 28 लोगों को लेकर उत्तर प्रदेश रोडवेज की एक बस हरिद्वार पहुंची। देहरादून-हरिद्वार बॉर्डर पर बस से 10 साल के बालक और हरिद्वार के एक भिखारी को उतारा गया।
सप्तऋषि चौकी प्रभारी लखपत बुटोला ने मेडिकल टीम बुलाकर फैजान का मेडिकल कराया। शहर कोतवाल प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि बालक को एंबुलेंस से उसके घर पिरान कलियर पहुंचाते हुए होम क्वारंटीन करा दिया गया है।