हरिद्वार। इस वर्ष श्रावण मास की कांवड़ यात्रा आषाढ़ पूर्णिमा के अगले दिन 20 जुलाई को प्रारंभ होगी। हरिद्वार से विभिन्न राज्यों में ले जाया गया गंगा जल पहली अगस्त को सैकड़ों शिवालयों में चढ़ाया जाएगा। धार्मिक संस्था गंगा सभा ने जल चढ़ाने की तिथि घोषित की।
फागुन और श्रावण दो ऐसे महीने हैं जिनमें हरिद्वार से गंगा जल को कांवड़ में भरकर ले जाया जाता है। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा धार्मिक यात्राओं में देश की सबसे बड़ी यात्रा बन चुकी है। पूर्व में दो से तीन करोड़ कांवड़िए गंगा जल ले जाने के लिए श्रावण में आते रहे हैं। इस बार यह संख्या दो करोड़ के पार जाने की पूरी संभावना है। यात्रा सीजन में जिस प्रकार भीड़ बढ़ी है, उसे देखते हुए कांवड़ियों की भीड़ नए रिकॉड बना सकती है।
गंगा सभा विद्वत परिषद के संयोजक पंडित आशीष गौतम ने बताया कि श्रावण कृष्ण पक्ष में प्रतिवर्ष कांवड़ यात्रा निकलती है। गंगा जल शिव चौदस के दिन पुनर्वसु नक्षत्र में एक अगस्त को चढ़ाया जाएगा। यह संयोग और भक्तों का सौभाग्य है कि जिस दिन जल चढ़ेगा, उस एक अगस्त को भगवान शिव का दिन सोमवार पड़ रहा है।