हाईकोर्ट के स्टे पर बहाल हुए श्यामपुर के लालढांग प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक को अटैच कर दिया गया है। शिक्षकों में छिड़ी राजनीतिक जंग के बीच डिप्टी बीईओ ने प्रधानाध्यापक व शिक्षिका के तबादले की संस्तुति भी की है। प्रधानाध्यापक ने अटैचमेंट पर सवाल उठाते हुए हाईकोर्ट की अवमानना बताया है।
लालढांग के प्राइमरी स्कूल में कार्यरत एक शिक्षिका ने प्रधानाचार्य पर संगीन आरोप लगाए थे। जिसके बाद विभाग ने प्रधानाचार्य को निलंबित कर दिया था। पिछले दिनों प्रधानाचार्य को हाईकोर्ट ने राहत देते हुए निलंबन पर रोक लगा दी है। जिसके बाद प्रधानाचार्य ने पहले की तरह स्कूल में चार्ज ले लिया। मगर चार्ज लेने के दौरान शिक्षकों के बीच जमकर हंगामा हुआ और ग्रामीणों को हस्तक्षेप करना पड़ा। सूचना पर स्कूल पहुंची डिप्टी बीईओ सुमन अग्रवाल के सामने ग्रामीणों ने शिक्षकों की आपसी राजनीति के चलते स्कूल का शैक्षिक वातावरण प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए पूरे स्टाफ के तबादले की मांग उठाई थी।
डिप्टी बीईओ सुमन अग्रवाल ने अपनी रिपोर्ट में प्रधानाचार्य और शिक्षिका के तबादले की संस्तुति कर विभाग को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। वहीं तत्काल प्रभाव से प्रधानाध्यापक को जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक रोशनाबाद दफ्तर अटैच कर दिया। डिप्टी बीईओ सुमन अग्रवाल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि हाईकोर्ट ने विभाग को आदेशित किया था। प्रधानाचार्य ने विभाग से अनुमति लिए बिना चार्ज ले लिया। विभाग खुद हाईकोर्ट की रोक पर कोई कदम उठाएगा। वहीं प्रधानाचार्य ने शोषण के तहत अटैचमेंट का आरोप लगाते हुए कहा कि यह हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना है। प्रधानाचार्य ने आरोप लगाया कि स्कूल का एक वरिष्ठ शिक्षक प्रभारी प्रधानाचार्य बनने की लालसा रखता है। वही पूरा षड्यंत्र रच रहा है। कहा कि गलत आरोप लगाने वाली शिक्षिका स्कूल व ब्लॉक में तैनात होने से जांच प्रभावित होगी।