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जलजनित बीमारियों का अड्डा बन गए आंगनबाड़ी भवन

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धनौरी गांव में आंगनबाड़ी केंद्र के पास भरा गंदा पानी । - फोटो : HARIDWAR
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मासूमों को अक्षर ज्ञान देने के साथ उनको कुपोषण को बचाने के लिए बनाए गए आंगनबाड़ी केंद्र ही बीमारियों को बांट रहे हैं। क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्राें की रखरखाव नहीं होने से उनके आसपास के गंदगी के ढेर लगे हैं। फिलहाल बच्चे केंद्रों पर नहीं आ रहे, लेकिन गांव में बीमारी फैलने की आशंका बनी है।
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सरकार की ओर से छोटे बच्चों को अक्षर ज्ञान देने के साथ ही गर्भवती महिलाओं को कुपोषण से बचाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों से पोषाहार आदि दिए जाते हैं। बाल विकास विभाग की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ दिया जाता है, लेकिन करीब डेढ़ साल से बंद पड़े केंद्रों को लावारिस हालत में विभाग ने छोड़ दिया है। धनौरी क्षेत्र के कई आंगनबाड़ी केंद्र जलभराव से तालाब बन चुके हैं। जबकि डीएम की ओर से डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से बचाने के लिए अधिकारियों को जल निकासी के निर्देश दिए जा चुके हैं।
धनौरी गांव के केंद्र संख्या एक, दो व तीन के सामने गंदे पानी का तालाब बन गया है। ग्रामीण गंदे पानी से निजात दिलाने के लिए अधिकारियों से गुहार लगाते हुए थक चुके हैं, लेकिन कोई उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों को डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रमित बीमारियों के फैलने का डर सता रहा है। क्षेत्र के भौरी और शांतरशाह आंगनबाड़ी का भवन भी बदहाल पड़ा है।
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आंगनबाड़ी भवन पर हुए जलभराव की समस्या का समाधान नहीं होने से बीमारियों के फैलने की आशंका सता रही है। अधिकारियों का मामले को गंभीरता से लेते हुए जलनिकासी का हल करना चाहिए।
- जैनिश
जब से कोरोना संक्रमण फैला है, तब से आंगनबाड़ी भवनों की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यदि सरकार की तरफ केंद्रों को खोलने के आदेश जारी कर दिए जाएं तो नौनिहालों का जीवन खतरे में पड़ जाएगा।
- अंकुर कुमार
आंगनबाड़ी भवनों में हुए जलभराव के कारण मच्छर और मक्खियों की भरमार है। गंदे पानी से दुर्गंध आ रही है। इससे वहां से निकलना भी मुश्किल हो रहा है। गंदे पानी की निकासी कराई जाए।
- गौरव सैनी
ग्राम पंचायत एवं ब्लॉक के अधिकारियों को आंगनबाड़ी केंद्र के सामने हो रहे जल भराव के निस्तारण को कहा गया है, लेकिन हल नहीं किया जा रहा है। जिसके कारण अभी तक जलभराव की समस्या बनी हुई है।
- धर्मवीर सिंह, सीडीपीओ
वर्किंग डे पर ही उठता है फोन
आंगनबाड़ी केंद्रों का हाल तो बदहाल है ही। जिस सीडीपीओ पर सरकार की सभी योजनाओं को लाभार्थियों तक पहुंचाने का जिम्मा है, वह किसी को फोन ही नहीं उठाती हैं। बहादराबाद ब्लॉक क्षेत्र की सीडीपीओ वर्षा का यही हाल है। बुधवार को जब उनसे केंद्रों के बाबत विभाग का पक्ष जानने के लिए फोन किया तो उन्होंने नहीं उठाया। एक दिन बाद बृहस्पतिवार को उनके आउटसोर्स कर्मचारी का फोन आता है। कर्मचारी बोलता है कि मैं परियोजना का सब कुछ हूं। आप मुझे ही बताए क्या काम है। मैं सब काम कर दूंगा। इस बाबत जब बाल विकास परियोजना अधिकारी वर्षा से बात की गई तो उनका कहना था कि बुधवार को वर्किंग डे नहीं था, इसलिए उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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