हरिद्वार की राजनीति के दिग्गज माने जाने वाले पूर्व विधायक अंबरीष कुमार को आखिरकार कांग्रेस का टिकट मिल ही गया। करीब चालीस साल के लंबे करियर मेें अंबरीष कुमार के लिए कांग्रेस का टिकट पाना चाहत ही बना रहा। अब टिकट मिलने पर समर्थक ही नहीं बल्कि खुद अंबरीष कुमार भी अभिभूत हैं। उन्हें उम्मीद है कि जीत भी उन्हीं की होगी।
अंबरीष कुमार को चार दशक से हरिद्वार की राजनीति की धुरी माना जाता है। भाई जी के नाम से राजनीतिक हलकों में मशहूर अंबरीष कुमार कांग्रेस के नगर महामंत्री और युवक कांग्रेस के शहर अध्यक्ष रहे। उन्हें वर्ष 1974-75 से ही कांग्रेस के टिकट का प्रबल दावेदार माना जाता रहा है, वर्ष 1974 में हरिद्वार की सीट समझौते के तहत वामपंथी दलों के हिस्से में आ गई तथा सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता आरके गर्ग चुनाव जीते। इसके बाद 1980 में भेल के श्रमिक नेता रामयश सिंह की दावेदारी उन पर भारी पड़ गई। 1985 के चुनाव में सहारनपुर के ठाकुर नेता महावीर राणा पर कांग्रेस ने विश्वास जताया तो अंबरीष कुमार शेर के चुनाव चिह्न पर निर्दलीय मैदान में उतारे। बेहद करीबी मुकाबले में वे चुनाव हार गए।
वर्ष 1989 में कांग्रेस ने तत्कालीन शहर अध्यक्ष पारस कुमार जैन को टिकट दिया तो अंबरीष फिर जनता दल के प्रत्याशी वीरेंद्र सिंह के साथ चले गए और वीरेंद्र सिंह को विधायक बनवाने में अहम भूमिका निभाई। जनता दल अजीत ने उन्हें 1991 में चुनाव में प्रत्याशी बनाया, लेकिन भाजपा प्रत्याशी जगदीश मुनि से वे दोबारा चुनाव हारे। वर्ष 1996 में से समाजवादी पार्टी के टिकट पर अंबरीष कुमार पहली बार हरिद्वार सीट से विधायक बनने से कामयाब हुए। वर्ष 2000 में अलग राज्य बनने के बाद वर्ष 2002 तथा वर्ष 2007 का चुनाव भी उन्होंने समाजवादी पार्टी के सिंबल पर ही लड़ा, लेकिन जीत नहीं पाए। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का दामन थाने के बाद रानीपुर सीट से उनकी दावेदारी प्रबल थी लेकिन ऐनवक्त पर पार्टी ने किसान नेता बलवंत सिंह चौहान को टिकट दे दिया। अंबरीष फिर निर्दलीय मैदान में उतरे और भाजपा से हार गए। वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में फिर वापसी के बाद अब भारी विरोध के बाद अंबरीष कुमार को रानीपुर सीट से टिकट मिला है। हालांकि मुकाबला आसान नहीं होगा लेकिन अंबरीष कुमार और उनके समर्थकों का दावा है कि जीत उन्हीं की होगी। अंबरीष कुमार ने कहा कि कांग्रेस का टिकट पाना उनके लिए सपना पूरा होने जैसा है।