मेट्रो रेल में बनवाया जेई, सैलरी 18,782 रुपये
बिहार के ग्राम पंडितपुरा पोस्ट गारा जिला रोहताश निवासी अमरनाथ चौधरी पुत्र शुदीराम चौधरी शिवालिकनगर स्थित दीक्षित एंटरप्राइजेज पैलेसमेंट सेल के संचालक सौरभ दीक्षित के संपर्क में आया। सौरभ ने उसे लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन लिमिटेड में बतौर जेई पद पर बेसिक सेलरी 18,782 रुपये में उत्तर प्रदेश रेल मंत्रालय लखनऊ की मुहर लगाकर ज्वाइनिंग की तिथि 21 नवंबर- 2016 का लेटर जारी कर दिया। वह ज्वाइनिंग करने जाता उससे पहले ही नौकरी पर स्टे लगने की बात कहते हुए कुछ दिन इंतजार करने को कहा। इससे पहले सौरभ 100 रुपये के स्टांप पर 5.50 लाख रुपये में नौकरी दिलाने के नाम का अमरनाथ से इकरारनामा कर चुका था और नौकरी से पहले दो बार में 2.50 लाख रुपये ले चुका था। ।
मुरलीधर को बैंक में कैशियर का पत्र दिया
मुरलीधर प्रसाद पुत्र हरी प्रसाद निवासी बलिया यूपी को भारतीय स्टेट बैंक में कैशियर की नौकरी बतौर बेसिक सेलरी 11,810 रुपये का पत्र जारी कर दिया। इससे पहले मुरली का नौकरी दिलाने वाले सौरभ दीक्षित के साथ 100 रुपये के स्टांप पर एक लाख रुपये देने का इकरारनामा हुआ। मुरली ने बताया कि जिस दिन नौकरी का पत्र उसे जारी किया गया, तो दूसरी किस्त के एक लाख रुपये और भी ले लिए। जब वह नौकरी ज्वाइनिंग करने के लिए देहरादून की एसबीआई की मुख्य ब्रांच में गया तो ठगी होने की जानकारी हुई।
सचिवालय में बाबू बनवाने को दिए 2.50 लाख
नीरज कुमार निवासी बौंगला बहादराबाद को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सचिवालय में नौकरी दिलाने का वादा किया। नीरज को अपनी सत्यता दिखाने के लिए आरोपी सौरभ दीक्षित लखनऊ लेकर गया और वहां एक होटल में एक व्यक्ति को बड़ा अधिकारी बताकर मिलवाया। नीरज ने उस पर विश्वास करते हुए लखनऊ निवासी एक व्यक्ति के खाते में 1.50 लाख रुपये जमा कर दिए और एक लाख रुपये सौरभ को नगद दे दिए। लेकिन जब अन्य युवा उसके ठगी के शिकार हुए अपने रुपये मांगते हुए देखे तो नीरज को भी अपने साथ ठगी होने का शक हुआ। नीरज ने बताया कि कई दिनों से अपने रुपये देने के लिए दवाब बना रखा था। वह शुक्रवार को शिवालिकनगर स्थित कार्यालय पर पहुंचा तो ताला बंद मिला।
सरकारी नौकरी दिलाने के लिए रिश्वत का लेनदेन हुआ। इसके लिए 100 रुपये के स्टांप पर दोनों पक्षों में बीच में इकरारनामा भी हुआ। नौकरी सचिवालय, रेलवे, बैंक आदि सरकारी विभागों के लिए योग्यता के लिए शैक्षिक प्रमाणपत्र भी तैयार कराए गए। रिश्वत की आधी रकम लेकर विभागों में ज्वाइनिंग के लेटर भी दे दिए गए, लेकिन अचानक नौकरियों पर स्टे आने का मामला बताते हुए कुछ दिन इंतजार करने को कहा।
अभ्यर्थियों ने विभागों में भर्ती की जानकारी की तो उन्हें अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ। जब ऐसे युवा भर्ती कराने वाले के प्लेसमेंट कार्यालय पहुंचने लगे तो मामला खुला। रुपये वापसी का दबाव बनाने पर बुधवार रात को प्लेसमेंट करने वाला ठग भाग गया। अब ठगी का शिकार युवा पुलिस के चक्कर काट रहे हैं। ठगे गए युवाओं में बिहार निवासी मुरलीधर, अमरनाथ, रवि कुमार, शिवराज, बहादराबाद के बौंगला निवासी नीरज कुमार, शिवालिकनगर अनिकेत आदि है। सबने मिलकर एसएसपी से इस मामले में शिकायत की। उन्होंने नौकरी के लिए दिए गए रुपयों के इकारनामा, नौकरी के ज्वाइनिंग पत्र, आरोपी का कानपुर और हरिद्वार आदि के पते के प्रूफ पुलिस को उपलब्ध कराए है। ठगी के शिकार युवाओं ने बताया कि उसके पिता विनोद दीक्षित से संपर्क हुआ है, उसने अपने पुत्र द्वारा पहले भी कई स्थानों पर ठगी करने की बात कही है।
सौरभ दीक्षित पुत्र विनोद दीक्षित ने आर-165 शिवालिकनगर बीएचईएल रानीपुर में दीक्षित एंटरप्राइजेज पैलेसमेंट सेल बना रखी थी। उसके कार्यालय पर उसकी पत्नी एवं सास भी बैठती थी। सौरभ दीक्षित ने अपना एक पता बी-300 राजाजीपुरम लखनऊ भी एक इकारनामा में लिखा। सामान समेटने के बाद तहकीकात में जुटे ठगी के शिकार हुए सौरभ का एक पता मवई मुक्ता नंदपुर कानपुर देहात डेरापुर निकला है।
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