मानव तस्करी निरोधक दस्ते ने ज्वालापुर क्षेत्र के एक दंपति के कब्जे से गलत तरीके से गोद ली गई एक पांच साल की मासूम बरामद की है। दस्ता अब मासूम को चाइल्ड हेल्प लाइन के समक्ष पेश करने की तैयारी कर रहा है।
सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह को छह जनवरी को सूचना मिली थी कि भगत सिंह चौक के पास झुग्गी झोपड़ी में रहने वाली नशे की आदी एक महिला ने अपनी पांच साल की बेटी को किसी दंपति को बेच दिया है। सूचना मिलने पर मानव तस्करी निरोधक दस्ता एवं ज्वालापुर पुलिस सक्रिय हो गई थी। सोमवार को संयुक्त कार्रवाई करते हुए पुलिस को पता चला कि महिला अब पुल जटवाडा के पास झुग्गी झोपड़ी बनाकर रह रही है। पुलिस ने महिला को जब पूछताछ के लिए हिरासत में लिया तब उसने कबूला कि एक जनवरी को उसने अपनी बेटी के लालन पालन की जिम्मेदारी रहिशा पत्नी शेरअली निवासी मोहल्ला चौहनान को दे दी है। इसके बाद पुलिस टीम ने मोहल्ला चौहनान पहुंचकर दंपति के घर से मासूम बालिका को बरामद कर लिया। दंपति से हुई पूछताछ में सामने आया कि उन्होंने बच्ची को खरीदा नहीं है बल्कि गोद लिया है। बाकायदा एक स्टांप पेपर पर लिखा गोदनामा भी दंपति ने पुलिस फोर्स को दिखाया, लेकिन गोदनामे को असंवैधानिक करार देते हुए पुलिस ने बच्ची अपनी सुपुर्दगी में ले ली। कोतवाली प्रभारी योगेश सिंह देव ने बताया कि महिला नशे की आदी है और उसके पति की मौत हो चुकी है। वह बेटी की परवरिश करने में असमर्थ है। इसलिए उसने अपनी बेटी दंपति को दे दी। महिला एवं उसका पति अलग अलग समुदाय से ताल्लुक रखते थे। फिलहाल मासूम को चाइल्ड हेल्प लाइन के समक्ष पेश कर रहे हैं, उसके बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।