हरिद्वार। कांवड़ यात्रा में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को बेरोजगारी से जोड़ने पर द्वारिका एवं ज्योर्तिपीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने नाराजगी जताई। उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि ऐसे लोगों की बातों पर कतई ध्यान न दें। उन्होंने देश में बढ़ती बेरोजगारी के लिए नेताओं को जिम्मेदार ठहराया।
शनिवार को शंकराचार्य मठ में पत्रकारों से बातचीत में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि कांवड़ यात्रा में बेरोजगार नहीं बल्कि आर्थिक रूप से संपन्न लोग भी आते हैं। वे शरीर को कष्ट देकर और दुर्व्यसनों से दूर रहकर यात्रा में शामिल होते हैं। सनातन धर्म के अनुयायियों की कांवड़ जैसी धर्मयात्रा में करोड़ों लोग शामिल होते हैं। इससे लगता है कि सनातन धर्म का अस्तित्व हमेशा बना रहेगा। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा में करोड़ों श्रद्धालु हरिद्वार आते हैं और देश के एक अरब लोग आस्था रखते हैं। उन्होंने कहा कि बयानबाजी करने वाले ये लोग स्वयं उपेक्षित हैं। देश में बढ़ती बेरोजगारी को भी उन्होंने नेताओं के लिए कलंक बताया। कहा कि ऐसे लोगों का समाज में कोई आदर नहीं है। ऐसे नेताओं की बातों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। कुछ नेता राजनीति करते हुए केवल धर्म की निंदा करते हैं। राजनीति के लिए धर्म का उपयोग करते हैं। गौरतलब है कि जेडीयू नेता शरद यादव ने कांवड़ यात्रियों की बढ़ती संख्या का कारण बेरोजगारी बताया था।
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सोनिया गांधी के स्वास्थ्य कामना की
कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के स्वास्थ्य के लिए शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज ने कामना की है। शंकराचार्य का कहना है कि सोनिया गांधी शीघ्र स्वस्थ्य होकर फिर जनता के बीच में आएंगी।