देश के तमाम वीआईपी और वीवीआईपी के हरिद्वार आगमन की गवाह डामकोठी की मेजबानी में बृहस्पतिवार को एक और खास मेहमान जुड़ गया। गंगा आरती से पहले महामहिम राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 20 मिनट डामकोठी पर रुके। प्रणब मुखर्जी से पहले पूर्व राष्ट्रपति स्व. ज्ञानी जैल सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, चंद्रशेखर, वीपी सिंह सहित तमाम शख्सियत डामकोठी आ चुके हैं।
मायापुर में गंगा कैनाल की बगल में स्थित डामकोठी अंग्रेजी शासन काल में बनी प्रदेश की चुनिंदा इमारतों में से एक है। हरकी पैड़ी से बहकर आती गंगा कैनाल के जरिये डामकोठी से ही दो धाराओं में बंट जाती है। डामकोठी के अगल-बगल गंगा और पीछे दोनों तरफ पहाड़ों का आकर्षक नजारा इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाता है। बृहस्पतिवार को गंगा आरती में भाग लेने से पहले राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का काफिला 05:35 मिनट पर डामकोठी पहुंचा। यहां करीब 20 मिनट कपड़े बदलने और अल्पाहार लेने के बाद ठीक 5:55 मिनट पर काफिला हरकी पैड़ी के लिए रवाना हुआ।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की मेजबानी कर डामकोठी का स्टाफ भी अभिभूत दिखा। महामहिम के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने डामकोठी का पूरी तरह कायाकल्प कराया था।
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डामकोठी से बदल दी गई महामहिम की कार
हरिद्वार। भेल स्टेडियम मेें हेलीकाप्टर से उतरने के बाद डामकोठी के लिए रवाना हुए राष्ट्रपति के काफिले में 40 से ज्यादा वाहन रहे। इनमें फ्लीट और पायलट कार सहित कई वाहन राष्ट्रपति की कार से आगे चल रहे थे। मगर डामकोठी से हरकी पैड़ी रवाना होने के दौरान राष्ट्रपति का वाहन बदल दिया गया। यहां से राष्ट्रपति गढ़वाल आयुक्त के नेम प्लेट वाली कार में सवार हुए। ताअज्जुब की बात यह है कि यह कार काफिले में सबसे आगे चल रही थी और फ्लीट व पायलट वाहन भी उनके पीछे रहे। जानकार बताते हैं कि सुरक्षा कारणों से ऐसा किया गया था। काफिले के बीच राष्ट्रपति को देखने के लिए टकटकी लगाए खड़े अधिकांश लोगों ने शुरू वाहनों पर ध्यान ही नहीं दिया और पीछे के वाहनों में राष्ट्रपति मौजूद न होने के कारण उन्हें दीदार नहीं हो पाए।
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कुत्तों ने छुड़वाए पुलिस के पसीने
राष्ट्रपति के भेल स्टेडियम से रवाना होने से पहले ही पूरे रूट पर जीरो जोन कर दिया गया था। आवाजाही बंद होने के कारण सड़कों पर पूरी तरह सन्नाटा रहा। मगर डामकोठी के पास राष्ट्रपति का काफिला पहुंचने से ऐन पहले एक कुत्ता घूमता हुआ सड़क पर आ गया। पुलिसकर्मियों ने दौड़कर उसे भगाया। इसके बाद डामकोठी में राष्ट्रपति के मौजूद रहने के दौरान भी एक कुत्ता पुलिसकर्मियों के लिए परेशानी का सबब बन रहा। भगाने पर वह डामकोठी की तरफ ही भाग खड़ा हुआ। इस दौरान पुलिस अधिकारियों के पसीने छूटे रहे कि कहीं अचानक राष्ट्रपति का काफिला न आ जाए।