हरिद्वार। सरकारी राशन डीलर ने पत्नी का भी अंत्योदय योजना का कार्ड बनवा लिया। यही नहीं नियमाें के विपरीत बेटे के ग्राम प्रधान बनने के बाद भी राशन डीलर बने हुए हैं। उपभोक्ताओं को भी राशन नहीं देने के आरोप राशन डीलर पर लगाए गए हैं। इससे राशन डीलर से नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
मामला बहादराबाद ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत अजीतपुर का है। जिसके सस्ता गल्ला विक्रेता दिनेश कश्यप के बेटे प्रखर कश्यप वर्ष 2022 में हुए ग्राम पंचायत के चुनाव में ग्राम प्रधान बन गए थे। नियमों के अनुसार बेटे के ग्राम प्रधान बनने के बाद दिनेश कश्यप को राशन डीलर के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए था, लेकिन दिनेश ने तीन साल बाद भी खाद्य आपूर्ति कार्यालय में न तो इसकी जानकारी दी और राशन डीलर का पद छोड़ा। बल्कि पत्नी का अंत्योदय योजना का राशन कार्ड भी बनवा लिया। ग्राम प्रधान बेटे प्रखर कश्यप की संस्तुति पर मां ममता को अन्त्योदय राशन कार्ड बनाया गया है, हालांकि बाद में इसे बदलकर पत्नी के नाम से प्राथमिक परिवार योजना का राशन कार्ड बनवा लिया। जिसमें खुद और अपने एक बेटे का नाम भी दर्ज करा लिया। जिसका ऑनलाइन राशन भी लिया जा रहा है। आरोप है कि जिनके प्राथमिक परिवार योजना के राशन बने हुए हैं। उन्हें भी मुफ्त में दिया जाने वाला राशन पैसे लेकर दिया जा रहा है।
आरोप है कि पत्नी के पूर्व में बनाए गए अंत्योदय (गुलाबी) राशनकार्ड सरकारी राशन का गोलमाल किया गया है। विभाग को अंधेरे में रखकर राशन कार्ड के आधार पर अन्य सरकारी योजनाओं का भी लाभ लिया गया है। जबकि, इसके पात्र नहीं हैं। समस्त वितरण ऑनलान होने के बावजूद कई योजनाओं का खाद्यान्न उठान नहीं किया गया है, जबकि, इससे पूर्व तक लगातार खाद्यान्न का उठान करते रहे हैं।
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अवशेष राशन की नहीं दी सूचना
राशन डीलर की ओर से राज्य खाद्य योजना से केवल 10 से 15 प्रतिशत वितरण किया जाता रहा था, लेकिन, राशन डीलर की ओर से गत वर्षों में राज्य खाद्य योजना के खाद्यान्न के अवशेष की कोई सूचना कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराई गई है। इससे भारी राशन के गोलमोल होने की आशंका अधिकारियों ने जताई है।
चूंकि, लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर प्रवृत्ति के हैं, इसलिए, राशन डीलर से स्पष्टीकरण तलब करने के साथ ही तीन वर्ष के वितरण एवं उठान संबंधी दस्तावेज भी मांगे गए हैं। नोटिस का जवाब और राशन वितररण के दस्तावेज नहीं मिलने पर एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।
रवि सनवाल, क्षेत्रीय खाद्य आपूर्ति अधिकारी, बहादराबाद
मेरी पत्नी का राशन कार्ड मैंने नहीं, बल्कि, अधिकारियों ने ही बनवाया था। मैंने उस पर राशन भी नहीं लिया था। मैंने तो बाद में प्राथमिक परिवार योजना का कार्ड बनवाया था। मेरा बेटा ग्राम प्रधान जरूर है, लेकिन, उसका अलग परिवार है। अधिकारी वसूली की मांग करते हैं। जिसका कोर्ट में भी मामला चल रहा है। कोर्ट ने डीलर के प्रधान का चुनाव लड़ने के आदेश भी किए हुए हैं। दबाव बनाने के लिए नाेटिस जारी किया गया है।
दिनेश कश्यप, राशन डीलर, अजीतपुर