पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों का पालन नहीं करने पर जिला प्रशासन ने चिह्नित आश्रमों, धर्मशालाओं और होटलों के खिलाफ सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। शुक्रवार को एक टीम ने भूपतवाला स्थित एक होटल और एक धर्मशाला को सील कर दिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से अन्य प्रतिष्ठानों के प्रबंधकों में हड़कंप की स्थिति है।
पिछले दिनों प्रशासन की ओर से गठित विभिन्न विभागों की टीम ने ऐसे 79 आश्रम, धर्मशाला, होटल, स्कूल और अन्य भवन चिह्नित किए थे जो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानक पूरे नहीं कर रहे। इनके संचालक यह स्पष्ट नहीं कर पाए हैं कि वह अपने सीवर के सैप्टिक टैंकों की सफाई करते समय इनकी गंदगी को कहां निस्तारित करते हैं। इससे माना गया कि वह गंदगी को सीधे गंगा में डालते हैं। इस संबंध में इन सभी को नोटिस भी जारी किए गए थे, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
शुक्रवार सुबह इन प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की जानी थी, लेकिन प्रशासनिक अमला जुटने पर दोपहर बाद अधिकारियों ने बैठक कर कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की। सिटी मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह, एमएनए अशोक पांडे, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी प्रवीण कुमार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि डा. अनुराग नेगी, एके चतुर्वेदी आदि की टीम भूपतवाला पहुंची। यहां शिव सदन धर्मशाला और होटल तारा इन को सील कर दिया। इस दौरान जल संस्थान की अनुरक्षण इकाई के सहायक अभियंता आरके चौहान, जल संस्थान के कनिष्ठ सहायक अभियंता राकेश बगाड़ा, कोतवाली प्रभारी अनिल जोशी आदि मौजूद थे। नगर मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह ने बताया कि जिन प्रबंधकों को नोटिस दिया गया है उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।